जब इंसान पूरा दिन काम करने के बाद थक जाता है तो उसे रात में पूरी नींद लेनी होती है। क्योंकि जब तक भरपूर नींद नहीं मिलेगी तब तक व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। ऐसा भी माना जाता है कि सोने से हमारा शरीर पूरी तरह से सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। शास्त्रों में भी सोने को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं। ठीक वैसे ही वास्तु में भी सोने को लेकर सही दिशा के बारे में बताया गया है। कहते हैं कि अगर उन नियमों को न अपनाया जाए तो माता लक्ष्मी आपसे नाराज हो सकती हैं। तो चलिए आज हम आपको सहीं दिशा के बारे में बताते हैं, जहां आपको सोने से लाभ मिलेगा। 

वास्तु के अनुसार व्यक्ति को सोते समय अपने पैर दक्षिण दिशा में नहीं रखने चाहिए यानि कि उत्तर दिशा की तरफ सिर भी नहीं करना चाहिए। बल्कि पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना चाहिए। कहते हैं कि इस दिशा में सिर होने से व्यक्ति की आयु लंबी होती है और स्वास्थ्य भी सही रहता है। इसलिए इसी दिशा में सिर रखने को कहा जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि सौर जगत ध्रुव पर आधारित है और ध्रुव के आकर्षण से दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर प्रगतिशील विद्युत प्रवाह हमारे सिर में प्रवेश करता है और पैरों के रास्ते निकल जाता है। इसीलिए सोते समय हमेशा दिशा का ध्यान रखना चाहिए।

मान्यताओं के अनुसार सोते समय दक्षिण दिशा में पैर और उत्तर दिशा में सिर करके इसलिए नहीं सोना चाहिए क्योंकि इस दिशा में शव के सिर और पैर को रखा जाता है। इसीलिए इस दिशा में सिर और पैर के करके सोने के लिए मना किया जाता है। इस बात को लेकर एक मान्यता और भी प्रचलित हैं कि इस दिशा में सिर रखकर सोने से व्यक्ति को बुरे सपने ही आते हैं। जिससे इंसान की नींद भी खराब होती है और वह सो भी नहीं पाता है। 

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