प्रथम पूज्य गणपति को बुद्धि के दाता कहा जाता है। इसके अलावा हर शुभ काम की शुरूआत व प्रत्येक धार्मिक आयोजन को शुरू करने से पहले इनका ही आवाहन किया जाता है। मान्यता है कि जब बप्पा किसी पर खुश होते हैं तो उसके घर को बरकत से भर देते हैं। इनकी पूजा करने वाले व्यक्ति के घर-परिवार में कभी दरिद्रता नहीं आती। आज हम आपको इनसे जुड़ी ऐसी बाते बताने वाले हैं जिनका ज़िक्र वास्तु में किया गया है। इसके अनुसार भगवान गणेश विभिन्न रूप हैं, जिनकी विधिपूर्वक पूजा करने से इच्छानुसार फल प्राप्त होते हैं। तो आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र से की अपनी मनोकामनाओं के अनुसार गणपति के कौन से स्वरूप को घर में स्थापित करना चाहिए।  

संतान गणपति
भगवान गणेश जी के इस स्वरूप के नाम से ही पता चलता है कि इनकी पूजा-अर्चना से जातक के संतान को शुभ फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के जीवन में संतान का सुख न हो उन्हें घर में संतान गणपति की प्रतिमा स्थापति करनी चाहिए। इससे शीघ्र संतान प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है।

विघ्नहर्ता गणपति
विघ्नहर्ता का मतलब तो आप जानते ही हैं, “विघ्नहर्ता” यानि अपने भक्तों को विघ्नों का हरने वाले गणपति। कहा जाता है कि जिस घर में कलह, विघ्न, अशांति, क्लेश, तनाव, पति-पत्नी में मनमुटाव, बच्चों में अशांति का दोष हो उस घर के प्रवेश द्वार पर विघ्नहर्ता गणपति की छोटी से प्रतिमा लगानी चाहिए। अगर प्रतिमा लगानी मुमकिन न हो तो तस्वीर लगा सकते हैं।

धनदायक गणपति
ज्योतिष और वास्तु के अनुसार घर के मेन गेट पर या घर में अंदर धनदायक गणपति की प्रतिमा स्थापित करने से घर से गरीबी व दरिद्रता दूर होती है और  सुख-समृद्धि व शांति हमेशा बनी रहती है। इसलिए अधिक धन की इच्छा रखने वाले लोग अपने घर में इसे ज़रूर स्थापित करें। बता दें अपनी दुकान आदि में भी इसे रख सकते हैं, इससे लाभ प्राप्त होता है।

ऋणमोचन गणपति
जो लोग काफ़ी समय से कर्ज़ में डूबे लगातार कर्ज़ को चुकाने के लिए मेहनत कर रहे हों परंतु फिर भी ऋण मुक्त न हो पा रहे हों तो ऐसे व्यक्ति अपने घर में ऋण मोचन गणपति को ले आएं। मान्यता है इन्हें यानि ऋणमोचव गणपति को  विधि-पूर्वक घर में स्थापित करके इनकी आरधना करता है, एक ही झटके में उशकी सारा कर्ज़ा उतर जाता है।

विवाह विनायक
जिन युवत-युवतियों की शादी में कोई परेशानी आ रही है या किसी न किसी कारणवश शादी की बात बनते बनते रह जाती हो वे अपने घर में विवाह विनायक रुप की मूर्ति स्थापित करें। मान्यता है कि इनकी स्थापना करने से जल्दी ही विवाह के योग बनने लगते हैं।

रोगनाशक गणपति
हर तरह की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए या कोई बहुत पुराना रोग जो अधिक दवाई खाने के बाद भी पीछा न छोड़ रहे हो तो गणपित जी के रोगनाशक स्वरूप को घर में स्थापित करें। कहा जाता है कि इनके घर में होने से बड़ा से बड़ा रोग चुटकियों में दूर हो जाता है।

सिद्धिनायक गणपति
अक्सर कुछ लोगों के साथ ये समस्या अधिक देखने को मिलती है कि बहुत कोशिशों के बाद भी उनके द्वारा किए कोई काम में उन्हें सिद्धि प्राप्त नहीं मिल पाती। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसे में उन्हें घर में सिद्धिनायक गणपति जी की स्थापना करनी चाहिए। इससे रास्ते में आने वाली सभी रूकावटें दूर हो जाती हैं और सफलता प्राप्त होती है।

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