भीषण गर्मी में तपते सूरज की रोशनी में बिना सनस्क्रीन लगाए निकलना मतलब टैनिंग को दावत देना है। वैसे ज्यादातर लोगों के लिए सनस्क्रीन सेफ होती है लेकिन कभी-कभी इसमें मौजूद केमिकल्स से कुछ लोगों को ऐलर्जी हो सकती है। ऐसे में सनस्क्रीन लगाने के बाद स्किन का लाल हो जाना, जलन होना या रैश होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

कुछ लोगों में सनस्क्रीन से ऐलर्जिक डर्मेटाइटिस के भी लक्षण दिखाई देते हैं हालांकि यह बहुत रेयर है। अगर सनस्क्रीन लगाने के बाद आपकी स्किन भी लाल हो जाती है तो सबसे पहले उसका इस्तेमाल बंद कर दें। मार्केट में ऐसा सनस्क्रीन या सनब्लॉक ढूंढ़ें जिसमें केमिकल्स न हों। बेहतर होगा किसी डर्मेटॉलजिस्ट से मिलकर अपनी समस्या बताएं और उससे पूछकर सनस्क्रीन इस्तेमाल करें।

कोई भी नया सनब्लॉक या सनस्क्रीन इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट कर लें। और धूप से बचाव करने के लिए चेहरे पर स्टोल, फुल स्लीव्स के कपड़े और हैट वगैरह का इस्तेमाल करें।

अगर हो जाए ऐलर्जी

    ज्यादातर केसेज में माइल्ड ऐलर्जी अपने आप ही ठीक हो जाती है। अगर ज्यादा दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से मिल लें।
    जब तक ऐलर्जी है तब तक धूप में बाहर जानें से बचें। पूरी तरह से ठीक होने में कुछ वक्त लग सकता है।
    ऐलर्जी पर खुद से कोई एक्सपेरिमेंट न करें।

 

Source : Agency