व्रत करना पुराने वक्त से इंडियन कल्चर का हिस्सा रहा है। वहीं इंटरमिटेंट फास्टिंग या रुक-रुक कर व्रत करना, अब वजन कम करने का लेटेस्ट ट्रेंड बनता जा रहा है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग में कोई खास डायट नहीं होती बल्कि एक खास तरह का ईटिंग पैटर्न होता है। यह पैटर्न खाने और व्रत करने के बीच 16 घंटे के ब्रेक के रूप में चलता है। इसे आप हफ्ते में कई बार अपना सकते हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट रत्नराजे थार बताती हैं कि वह हमेशा डायटिंग जैसी चीजों से दूर रहती हैं और कोई सही सॉल्यूशन ही रेकमेंड करती हैं। 'मैं , 'राजाओं की तरह ब्रेकफस्ट करो और कंगालों की तरह डिनर', जैसी पुरानी कहावत पर लंबे वक्त से यकीन करती आई हूं। लेकिन मैंने देखा कि कई लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में बात कर रहे हैं तो मैंने इसे ट्राई करने के बारे में सोचा। इससे मुझे वाकई में जबरदस्त फायदा हुआ। अब मैं अपने क्लाइंट्स को भी इसकी सलाह देती हूं। '

रत्नराजे (54) का मानना है कि इससे आपकी ऊर्जा तो बढ़ती है साथ में दिमाग पर कंट्रोल रहता है। वह बताती हैं कि वह सुबह ब्रेकफस्ट के बारे में सोचकर उठती नहीं थी, इसके बजाय उन्होंने दूसरी चीजों के बारे में सोचना शुरू किया। उन्होंने व्रत को बैलेंस करने के लिए खूब पानी पीया और शुगरफ्री लेमनेड भी लिया।

डायटीशंस बताते हैं कि भूख से बचने के लिए इंसान कितना भी पानी, ब्लैक कॉफी, ग्रीन टी, जीरा पानी, लेमन वॉटर, गर्म पानी में फलों का अर्क ले सकता है।

डिजाइनर रेखा भाटिया बताती हैं, 'अगर मुझे बहुत ज्यादा भूख लगने लगती थी तो मैं सब्जियों का शोरबा पी लेती थी।' वह बताती हैं, 'मेरा वजन बढ़ गया था और मैं अच्छा फील नहीं कर रही थी। मैंने मंडे को ऐसा करना शुरू किया क्योंकि यह वीकेंड के बाद होता था जब मैं शाम 6 बजे तक खाना खा लेती थी और मेरा अगला खाना सुबह 10 बजे होता था। मैंने दो महीने में 5 किलो वजन कम कर लिया और मेरा दर्द गायब हो गया। मुझे हेल्दी फील होने लगा।'

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