गूगल ने अपनी ऐनुअल I/O 2019 डिवेलपर्स कॉन्फ्रेंस के पहले दिन लेटेस्ट ऐंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ा अनाउंसमेंट किया। गूगल की ओर से कहा गया कि नया Android Q ओएस 13 ब्रैंड्स के 21 स्मार्टफोन्स में जल्द देखने को मिलेगा और इनमें गूगल की पिक्सल सीरीज के स्मार्टफोन्स भी शामिल होंगे। ऐंड्रॉयड क्यू ऐंड्रॉयड का 10वां वर्जन है और गूगल का दावा है कि यह दुनियाभर में करीब 2.5 अरब डिवाइसेज ऐंड्रॉयड पर चल रही हैं।

ऐंड्रॉयड क्यू ऑपरेटिंग सिस्टम को खासतौर पर नए फोल्डेबल और 5G टेक्नॉलजी वाले स्मार्टफोन की जरूरतें पूरी करने के लिए डिजाइन किया गया है। नया ऑपरेटिंग सिस्टम बेहतर मल्टीटास्किंग एक्सपीरियंस देने और अलग-अलग स्क्रीन डायमेन्शंस को आसानी अडॉप्ट कर सकता है। इस तरह छोटी से बड़े स्क्रीन पर वर्कस्पेस को शिफ्ट करना बेहद आसान और स्मूद हो जाएगा। वहीं, 5G कनेक्टिविटी की बात करें तो ऐंड्रॉयड पहला स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम होगा जो नेक्स्ट जेनरेशन कनेक्टिविटी को सपॉर्ट करेगा।

ऐंड्रॉयड क्यू के मुख्य फीचर्स
गूगल ने ऐंड्रॉयड क्यू के मुख्य फीचर्स के बारे में बताया कि ओएस का फोकस कंटेंट को ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाना होगा। एक ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने लिखा, 'दुनियाभर में सुनने में आंशिक या पूरी तरह से असमर्थ करीब 46.6 करोड़ लोग हैं। हर तरह के कंटेंट को उनतक पहुंचाने के लिए कैप्शंस मददगार होंगे और ऐसे ही फीचर्स नए ओएस में मिलेंगे।' इसी बात को ध्यान में रखते हुए गूगल ने ऐसी कम्युनिटीज के साथ मिलकर ऐसा फीचर तैयार किया है, जो डिजिटल मीडिया का बेहतर ऐक्सेस जरूरतमंद यूजर्स को दे सके।


डिवाइस पर एक बार टैप करने भर से ही उस मीडिया के लिए कैप्शंस आने लगेंगे, जो किसी भी तरह का ऑडियो प्ले कर रहा है। लाइव कैप्शंस विडियो, पॉडकास्ट और ऑडियो मेसेजेस के साथ काम करेगा और इस तरह यूजर्स अपने जरूरत की बात रिकॉर्ड भी कर सकेंगे। स्पीच डिटेक्ट होते ही कैप्शंस डिवाइस पर दिखने लगेंगे। इसके लिए किसी वाई-फाई या मोबाइल डेटा कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी और यह फीचर ऑफलाइन ही काम करेगा।


साथ ही गूगल ने अनाउंस किया कि Smart Reply फीचर देने वाली मशीन लर्निंग को अब ऐंड्रॉयड के नोटिफिकेशन सिस्टम में भी लाया गया है। इसकी मदद से अब हर तरह के मेसेजिंग ऐप नोटिफिकेशंस में स्मार्ट रिप्लाई दिखाएंगे। यह फीचर मशीन लर्निंग आधारित है और आपको भेजे गए मेसेज के संभावित उत्तर आपको दिखाएगा। इस तरह एक टैप में ही यूजर्स सामने वाले को जवाब दे सकेंगे। ऐसा फीचर जीमेल पर पहले ही मिल रहा है।


सिक्यॉरिटी पर बात करें तो गूगल का दावा है कि रोजाना करीब 50 अरब ऐप्स गूगल प्ले प्रोटेक्ट से स्कैन की जाती हैं। ऐंड्रॉयड क्यू में सिक्यॉरिटी और प्रिवेसी से जुड़े 50 नए फीचर्स लाने की बात गूगल की ओर से कही गई है। ब्लॉग पोस्ट में लिखा है, 'उदाहरण के लिए, हमने सेटिंग्स में अलग से एक प्रिवेसी का सेक्शन बना दिया है, जहां सभी जरूरी कंट्रोल्स हैं। इसी तरह सेटिंग्स में नया लोकेशन सेक्शन भी आपको मिलेगा, जहां से आप लोकेशन डेटा कंट्रोल कर सकेंगे और तय कर सकेंगे कि किस ऐप के साथ लोकेशन शेयर करनी है।'


गूगल ने ऐंड्रॉयड क्यू में सिस्टम-वाइड डार्क मोड तो दिया ही है, साथ ही फोकस मोड भी ऐड किया गै। इस फोकस मोड में आप तय कर सकते हैं कि कौन से ऐप्स आपका ध्यान हटाते हैं। उदाहरण के लिए न्यूज या ईमेल ऐप के नोटिफिकेशंस को आप इसमें कंट्रोल कर सकते हैं और चुन सकते हैं। जब तक आप फोकस मोड में रहेंगे, आपको इन ऐप्स के नोटिफिकेशंस नहीं मिलेंगे। गूगल ने कहा, 'टेक्नॉलजी का बच्चों और परिवार से बेहतर संतुलन हो इसलिए ऐंड्रॉयड क्यू से शुरू करते हुए हम हर जिवाइस में फैमिली लिंक पार्ट भी शुरू करेंगे और ऐप्स के लिए टाइम-लिमिट तय करने जैसे फीचर्स भी ऐड किए जाएंगे।'

Source : Agency