वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के अगर हर कोने में सूर्य की रोशनी आए तो ये घर के लिए बहुत ज्याद अच्छी मानी जाती है। कहते हैं कि सूर्य रोशनी से घर में मौजूद नकरात्मक ऊर्जा दूर होती है। घर के ज्यादातर हिस्से में सूर्य की रोशनी होने से उस जगह के कई दोष खत्म हो जाते हैं। कहते हैं कि संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार सूर्य है। उसी की ऊर्जा से पृथ्वी पर जीवन है। शास्त्रों में सूर्य को अग्नि का स्वरूप माना जाता है। इसलिए इसका वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व है। ज्योतिष में सूर्य को आत्मा कारक ग्रह कहा गया है। सूर्य की रोशनी जिस घर में पड़ती है वहां के लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है।

कहते हैं कि घर के जिस कमरे में सूर्य की रोशनी नहीं जाती, वहां कीड़े-मकोड़े व सीलन अधिक रहती है और साथ ही व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। यदि सूर्य का प्रकाश घर में आता है तो उसमें रहने वाले ऊर्जावान महसूस करेंगे। 

घर के जिस हिस्से में रोशनी आती है वहां ऊर्जा ज्यादा रहती है। वास्तु के अनुसार घर में सूर्य रोशनी आने से नकरात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। जिनके सूर्य की रोशनी नहीं जाती उनकी सेहत और आत्मविश्वास में कमी रहती है। 

वास्तु के अनुसार रसोईघर एवं स्नानघर में भी सूर्य का प्रकाश पहुंचे ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। घर में कृत्रिम रोशनी का उपयोग कम से कम रखना चाहिए।

कहते हैं कि बैडरुम में सदैव धीमी लाइट होनी चाहिए। शयनकक्ष में तेज रोशनी होगी तो हमारे आराम में बाधा डालेगी और नींद नहीं आएगी। शयनकक्ष या आरामकक्ष में हमारे सामने लाइट नहीं होनी चाहिए। 

Source : Agency