मुंबई 

मई के शुरुआती 10 दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्‍छे नहीं रहे. इस दौरान 7 दिन कारोबार हुआ लेकिन हर दिन बाजार लाल निशान पर बंद हुआ. इन दस दिनों के कारोबार पर गौर करें तो 2 मई से 10 मई के बीच सेंसेक्‍स करीब 1500 अंक से ज्‍यादा टूट चुका है. जबकि निफ्टी 500 अंक के करीब लुढ़का. बता दें कि 1 मई को लेबर डे की वजह से बाजार बंद थे. जबकि 4 और 5 मई को शनिवार-रविवार की वजह से शेयर बाजार बंद रहे. इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 96 अंक गिरकर 37,463 के स्‍तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 22.90 अंक घटकर 11,278.90 अंक पर रहा.  

टाटा स्‍टील के शेयर में 6 फीसदी की गिरावट

शुक्रवार को कारोबार के अंत में टाटा स्‍टील के शेयर 6 फीसदी से ज्‍यादा टूट गए जबकि एचसीएल और यस बैंक के शेयर क्रमश: 4.34 फीसदी और  3.70 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुए. इसी तरह इंडस्‍इंड बैंक में 2.96 फीसदी और ओएनजीसी में 1.74  फीसदी की फिसलन आई.

इसके अलावा बजाज फाइनेंस, टीसीएस, पावरग्रिड, वेदांता, एशियन पेंट, एनटीपीसी और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर लाल निशान पर बंद हुए. बढ़त वाले शेयर की बात करें तो एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयर में 2 फीसदी से अधिक की तेजी आई. वहीं आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और एक्‍सिस बैंक के शेयर में भी तेजी रही.

भारतीय स्टेट बैंक को मुनाफा, शेयर में तेजी

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के शानदार तिमाही नतीजों का असर बैंक के शेयर पर भी पड़ा और 2.94 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुआ. दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक ने 2018-19 की चौथी तिमाही में 838.40 करोड़ रुपये का का शुद्ध लाभ हासिल किया है. वहीं फंसे कर्ज या नॉन परफॉर्मिंग एसेट का स्तर नीचे आने से बैंक को मुनाफा हुआ.

बैंक को 2017-18 की जनवरी - मार्च तिमाही में 7,718.17 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. एसबीआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस बार मार्च तिमाही में उसकी एकल आय करीब 11 फीसदी बढ़कर 75 हजार 670 करोड़ रुपये रही. पूरे वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) 2018-19 में बैंक का शुद्ध लाभ 3,069.07 करोड़ रुपये रहा जबकि 2017-18 में उसे 4,187.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. इस दौरान शुद्ध एनपीए का स्तर भी घट कर 3.01 फीसदी रह गया. एक साल पहले यह 5.73 फीसदी था.

Source : Agency