इंदौर

लोकसभा चुनाव अपने अंतिम चरण मे पहुंच चुका है। एमपी में 12  को तीसरे और 19  को चौथे चरण की वोटिंग होना है।आज के प्रचार प्रचार थमने के साथ ही राजनैतिक दलों की निगाहें  मालवा और निमाड़ पर जा टिकी है। वर्तमान में आठ  इंदौर, रतलाम, धार, खरगोन, मंदसौर, देवास, उज्जैन और खंडवा सीटों में से एक रतलाम पर कांग्रेस का कब्जा है, बाकी पर भाजपा का दबदबा है। कांग्रेस इस बार हर हाल में इन सीटों पर पकड़ बनाने की कोशिश में जुटी है, इसी के चलते पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रियंका का बडा रोड शो करने जा रही है।

पीसीसी से मिली जानकारी के अनुसार,  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 13 मई सोमवार को मप्र दौरे पर आ रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रियंका दिल्ली से इंदौर एयरपोर्ट आकर हेलीकाप्टर से उज्जैन होते हुए मंदसौर जाएगी। इसके बाद रतलाम में एक  सभा को संबोधित करेंगी और फिर इंदौर में रोड शो करेंगी। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो जाएंगी।कांग्रेस को अब प्रियंका के दौरे से मालवा और निमाड़ के अंतर्गत आने वाली 8 लोकसभा सीट इंदौर, रतलाम, धार, खरगोन, मंदसौर, देवास, उज्जैन और खंडवा पर फायदा होने की उम्मीद है।

खास बात ये है कि प्रियंका के एक दिन पहले यानी 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खंडवा के छैगांवमाखन में हुंकार भरेंगे। वे यहां भाजपा प्रत्याशी नंदकुमारसिंह चौहान के लिए वोट मांगेंगे। इसके बाद वे शाम साढ़े 6 बजे इंदौर पहुंचेंगे और भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी के पक्ष में माहौल बनाएंगे।वही 14 मई को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी इंदौर रहे है।

खबर है कि स्थानीय उम्मीदवार पंकज संघवी की ओर से महासचिव प्रियंका गांधी के रोड शो के लिए मांग दिल्ली भेजी गई थी। स्थानीय नेता किसी भी स्थिति में इंदौर में प्रियंका का रोड शो तय करवाने के लिए अड़े हुए थे। कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रियंका के दौरे को लेकर एआईसीसी के सामने बात रखी थी। इसके बाद उनके दौरे को मंजूरी मिली।

दरअसल, अंतिम चरण के मतदान में बीजेपी-कांग्रेस की नजर मालवा निमाड़ की सीटों पर है। विधानसभा चुनाव के बाद जहां कांग्रेस कमजोर पड़ी वही बीजेपी मजबूत हुई है। वही पिछले लोकसभा चुनाव की बात करे तो आठ में से सात पर बीजेपी का कब्जा रहा है। रतलाम लोकसभा सीट उपचुनाव के दौरान कांग्रेस बीजेपी से छिनने में कामयाब हुई है। लोकसभा में एक बार फिर कांग्रेस की नजर इन सीटों पर है। कांग्रेस का लक्ष्य यहां से ज्यादा से ज्यादा सीटें खींचने का है, ताकी विन 29  के लक्ष्य को पूरा  किया जा सके। वही बीजेपी के लिए सीटे बचाना चुनौती है, चुंकी विधानसभा के बाद कई जगह समीकरणों में बदलाव देखने को मिला है। कई सीटों पर बीजेपी को भितरघात का डर सता रहा है। ऐसे में पीएम मोदी खुद मोर्चा संभालने मैदान में उतर रहे है।हालांकि इससे किसको कितना फायदा होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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