आज के समय हर कोई अपने घर को सजाने के लिए किसी न किसी चीज़ का प्रयोग करता है। वहीं साज-सजावट का सामान की बार पड़ा-पड़ा खराब हो जाता है, लेकिन फिर भी वो हमारी इतनी पसंद का होता है कि न तो उसे फैंकने का मन होता है और न ही वहां से हटाने का। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर घर में टूटा-फूटा सामान पड़ा रहे तो ये घर में नकरात्मकता का संचार करता है और साथ ही इसेस घर की आर्थिक दशा पर भी असर पड़ता है। 

वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में खराब सामान पड़ा रहेगा तो माता लक्ष्मी आपसे नाराज़ हो जाएंगी। कहते हैं कि टूटा-फूटा सामान और निर्जिव वस्तुएं घर में नकरात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं, जिससे परिवार वालों को बहुस सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आज हम आपको वास्तु शास्त्र में बताए गए कुछ नियमों के बारे में-

कहते हैं कि जहां हम अपना धन रखते हैं वहां नीले रंग का चित्र या फिर उस रंग का कोई भी सामान न रखें। क्योंकि नीला रंग पानी का प्रतिनिधित्व करता है। पानी की प्रकृति हमेशा बहने की होती है। 

कभी भी बहुमूल्य वस्तुओं को वायव्य कोण की दिशा में न रखें। उत्तर और पश्चिम दिशा के मध्य के कोणीय स्थान को वायव्य दिशा का नाम दिया गया है। इस दिशा का मुख्य तत्व वायु है।

घर में तिजोरी रखने से पहले ध्यान रखें कि तिजोरी कहीं से टूटी न हो वरना उसमें कभी लक्ष्मी नहीं टिकती। अपने पर्स या तिजोरी में माता लक्ष्मी की फोटो जरूर रखें। 

घर में टूटा हुआ फर्नीचर रखने से धन और उन्नति में रुकावट पैदा होती है। साथ ही इससे परिवार के सदस्‍यों की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फर्नीचर टूटने की स्थिति में उसे तुरंत सही करवाएं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार ड्राइंग रूम में रखा सोफा और चादर कभी गंदा और फटा नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा है तो उसको तुरंत बदल दें क्योंकि इनसे घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश करती हैं।

ऐसा भी बताया जाता है कि घर की छत पर कबाड़ और फालतू सामान नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे आर्थिक तंगी बढ़ सकती है। इससे पारिवारिक सदस्यों की कमाई और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। 

घर में कभी भी टूटी-फूटी या गैर-जरूरी वस्तु को नहीं रखना चाहिए। इससे घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जिसके कारण मां लक्ष्मी का घर आगमन रुक जाता है। 

Source : Agency