भारत में डायबीटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए जरूरी हो जाता है कि डायबीटीज से बचाव की पूरी जानकारी हमें होनी चाहिए। बताते चलें कि डायबीटीज टाइप 1 और टाइप 2 दो तरह की होती है। डायबीटीज टाइप 2 के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है जिसको कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होता है। डायबीटीज टाइप 2 के मरीज को अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब लगना, लगातार भूख लगना जैसी समस्‍यायें होने लगती हैं। डायबीटीज टाइप 2 होने पर शरीर इंसुलिन का सही तरीके से प्रयोग नहीं कर पाता है। इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक हॉर्मोन है जो हमारे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।

इन जटिलताओं का करना पड़ता सामना
1. किडनी फेल होना- डायबीटीज टाइप 2 के मरीज की किडनी फेल होने का खतरा रहता है।
2. दिल का दौरा पड़ना- डायबीटीज टाइप 2 के मरीज को दिल का दौरा पड़ने के खतरे की आशंका बढ़ जाती है।
3. दाग पड़ जाना- डायबीटीज टाइप 2 के मरीज के शरीर में जोड़ो पर स्किन पर दाग पड़ने लगते है।
4. उम्र कम होना- डायबीटीज टाइप 2 के मरीज की जीवन जीने की अवधि में 10 साल कम हो जाते हैं।
5. आंखों में तकलीफ होना- डायबीटीज टाइप 2 के मरीज को आंखों की समस्याएं होने लगती हैं।

इन बातों की रखें सावधानी
1- अधिक से अधिक व्यायाम करना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है।
2- सेहतमंद भोजन पर अधिक ध्यान दें। इसके लिए डायट में साबुत अनाज, फल और सब्जियां शामिल करें।
3- टाइप 2 के मरीज को प्रोसेस्ड और रिफाइंड फूड से बचना चाहिए।
4- टाइप 2 के मरीज को शराब के सेवन नहीं करना चाहिए और साथ ही धूम्रपान को छोड़ देना चाहिए।

Source : Agency