नई दिल्ली 
सरकार जल्द ही निजी कारों को टैक्सी की तरह यात्रियों को ले जाने की सुविधा देने जा रही है। हालांकि, दिन भर में ऐसी कारें सिर्फ 3-4 अधिकतम ट्रिप ही कर सकती हैं। वीइकल पूलिंग पॉलिसी पर परिवहन मंत्रालय गंभीरता से काम कर रहा है और इस व्यवस्था का उद्देश्य है सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या को कम करना। 

सूत्रों का कहना है कि नीति आयोग ने इस योजना पर काफी काम किया है और इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि राज्य सरकारें इसे ठीक तरह से लागू करें। साथ ही आयोग ने राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिया है कि कार पूल करने की यह व्यवस्था टैक्सी और कैब सर्विस की तरह न हो जाए। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निजी गाड़ियां एग्रीगेटर के जरिए परिवहन विभाग के रेकॉर्ड से जोड़ी जाएंगी। इन एग्रीगेटर के जरिए यात्रियों के केवाईसी का रेकॉर्ड रखा जाएगा। निजी गाड़ियों को यह सर्विस शुरू करने से पहले कार मालिकों को अपना इंश्योरेंस भी करवाना होगा। 
 
सूत्रों के हवाले से हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि ऐसे सभी वाहनों के डिटेल्स वाहन डेटाबेस के जरिए सुरक्षित रखा जाएगा। इस डेटाबेस के जरिए कार मालिक अपनी गाड़ियों को एक एग्रीगेटर से अधिक के साथ नहीं जोड़ पाएंगी और इसके जरिए प्रतिदिन के ऐसे ट्रिप की संख्या भी सीमित की जा सकेगी। इसके साथ ही एग्रीगेटर्स किसी भी तरह के इंसेटिव ऐसे कार मालिकों को ऑफर नहीं कर सकते। इस पाबंदी के कारण एग्रीगेटर अधिक ट्रिप के लिए निजी कार मालिकों को प्रोत्साहित भी नहीं कर पाएंगे। 

अधिकारियों का कहना है कि सरकार की तरफ से कोई मानक किराया तय नहीं किया जाएगा। हालांकि, एक अनिवार्य ऑडिट प्रक्रिया जरूर होगी ताकि एग्रीगेटर और कार मालिक निर्धारित मानकों को पूरा करते रहें। परिवहन मंत्रालय ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 2 राउंड मीटिंग विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों के साथ की है। पिछले कुछ वर्षों से सड़कों पर वाहनों की संख्या सीमित करने के लिए कदम उठाने की लगातार मांग हो रही है। 

Source : Agency