नई दिल्ली 

महाराष्ट्र के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे और बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आरोपों का जवाब दिया. गोयल ने रविवार को बयान में कहा था कि 26 नवंबर 2008 को जब मुंबई पर आतंकी हमला हुआ, तब तत्कालीन सीएम को सिर्फ अपने बेटे को फिल्म में रोल दिलाने की चिंता थी. विलासराव देशमुख का 14 अगस्त 2012 को निधन हो गया था.

मुंबई हमले का हवाला देते हुए गोयल ने कहा था, 'मैं मुंबई से हूं. आपको 26/11 हमला याद होगा. उस वक्त की कांग्रेस सरकार इतनी कमजोर थी कि कुछ कर ही नहीं पाई. तत्कालीन मुख्यमंत्री (विलासराव देशमुख) ओबरॉय होटल के बाहर एक निर्देशक को लाए थे. जबकि अंदर गोलीबारी और बम धमाके हो रहे थे. मुख्यमंत्री को सिर्फ अपने बेटे को फिल्म में रोल दिलाने की चिंता थी.'

क्या बोले रितेश

पीयूष गोयल के बयान के बाद रितेश देशमुख ने ट्विटर पर इन आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने लिखा, ''यह सच है कि मैं ताज/ओबरॉय होटल गया था लेकिन यह झूठ है कि जब गोलीबारी और बम धमाके हो रहे थे तो मैं वहां था. यह भी सच है कि मैं अपने पिता के साथ था लेकिन यह झूठ है कि वह मुझे फिल्म में रोल दिखाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कभी किसी निर्देशक या निर्माता से फिल्म में मुझे साइन करने को नहीं कहा. इस पर मुझे गर्व है. आपको एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का पूरा हक है लेकिन किसी ऐसे शख्स पर आरोप लगाना गलत है, जो सफाई देने के लिए मौजूद नहीं है. थोड़ी देर हो गई, 7 साल पहले- वो आपको जवाब देने के लिए यहां होते.''

 गोयल ने मनमोहन सिंह की अगुआई वाली यूपीए सरकार को ''डरपोक सरकार'' बताया था. पीयूष गोयल ने कहा था, ''हमारी सेना उस वक्त भी सक्षम थी लेकिन फैसला केंद्र सरकार को लेना था. हमारे सुरक्षाबल सोचते रहे कि उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने की इजाजत मिलेगी लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया. वह डरपोक सरकार थी.''
26/11 को मुंबई में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. उन्होंने मुंबई में 4 दिन तक गोलीबारी और बमबारी की. इस हमले में 174 लोग मारे गए थे, जिसमें 9 हमलावर भी शामिल थे. 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. हमले के दौरान आतंकी अजमल कसाब को पकड़ लिया गया था. बाद में उसे फांसी दे दी गई थी. इस हमले में जॉइंट कमिशनर ऑफ पुलिस और मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे, अडिशनल कमिशनर ऑफ पुलिस अशोक कामटे और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालसकर, एनएसजी कमांडो संदीप उन्नीकृष्णन शहीद हो गए थे.

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