श्रीनगर
कहते हैं कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता और उसकी कोई जाति नहीं होती है। जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकवादी घटनाओं से जूझने वाली जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के एक जवान ने भूख से तड़पते बच्‍चे को खाना खिलाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है। जवान ने खाना खिलाने के बाद बच्‍चे का मुंह पोछा और उसे पानी भी पिलाया। जवान के खाना खिलाने का यह विडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा क‍ि बच्‍चा दिव्‍यांग है।


जम्‍मू-कश्‍मीर में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अक्‍सर लोग सवाल उठाते रहते हैं। घाटी में पुलिस पर मानवाधिकारों के उल्‍लंघन के आरोप भी लगते रहते हैं। इन सबके बीच जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के जवान ने भूखे से तड़पते बच्‍चे को खाना खिलाकर पुलिस का मानवीय चेहरा पेश किया है। बताया जा रहा है कि बच्‍चा काफी भूखा था और उसे खाना नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में उसकी मदद के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस का जवान सामने आया।

हालांकि वायरल विडियो में दिख रहे जवान की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। इस विडियो को जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने ट्वीट किया है। पुलिस ने लिखा, 'हम ध्‍यान रखते हैं।' कश्‍मीर के त्राल इलाके के रहने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता जावेद त्राली, जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के अधिकारी इम्तियाज हुसैन समेत सैकड़ों लोगों ने इसे ट्वीट और रीट्वीट किया है। उन्‍होंने पुलिस के प्रयास की जमकर सराहना की है।

इस विडियो को अब तक 23 हजार से ज्‍यादा लोगों ने देखा है और तीन हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। सैंकड़ों लोगों ने कॉमेंट किया है। परव भट्ट लिखते हैं, 'भूख का कोई मजहब नहीं होता लेकिन भूखे को खाना खिलाने का तो एक ही मजहब है मानवता।' राफी खान लिखते हैं, 'आपको सलाम भाई। आप जैसे लोगों से ही विश्‍व में मानवता पर विश्‍वास बढ़ जाता है।'

Source : Agency