भोपाल     

मंगलवार को देर रात भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा पुरानी जेल पहुंच गई. वो जेल में करीब 40 मिनट तक रुकीं. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर साध्वी प्रज्ञा को जेल क्यों जाना पड़ा. दरअसल साध्वी प्रज्ञा पुरानी जेल में बने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम का जायजा लेने पहुंचीं थीं. साध्वी प्रज्ञा ने यहां जेल परिसर में ईवीएम की सुरक्षा का जायजा लिया और स्ट्रॉन्ग रूम भी चेक किया.

दरअसल, भोपाल में बनी पुरानी जेल ही वो जगह है जहां EVM को रखने के लिए स्ट्रांग रूम बनाया गया है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर करीब 40 मिनट तक भोपाल की इस पुरानी जेल परिसर में रहीं और सीसीटीवी से लेकर स्ट्रांग रूम ठीक से सील है या नहीं इसका जायजा लिया. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ शिवराज सरकार में मंत्री रहे उमाशंकर गुप्ता भी मौजूद थे. साध्वी क्योंकि बोल नहीं पा रही इसलिए उनकी जगह उनके साथ आये पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने मीडिया से बात की.

उमाशंकर गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रजातंत्र के महापर्व में जनता ने जो अपना मत दिया है जो EVM के रूप में यहां सुरक्षित रखा गया है, लेकिन यह हमारा उत्तरदायित्व है कि जनता की ये अमानत सुरक्षित है या नहीं इसको हम देखें, जिस प्रकार से कांग्रेस की सरकार और यहां से उम्मीदवार दिग्गी राजा है जो हमेशा कहते हैं कि चुनाव मैनेजमेंट से जीते जाते हैं उनकी तरफ से किसी भी तरीके की गड़बड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और हम लोग व्यवस्था को देखने आए हैं. हमारे कार्यकर्ता भी यहां 24 घंटे सहयोग के लिए है.

उमाशंकर गुप्ता से जब सवाल पूछा गया कि क्या उन्हें EVM पर भरोसा नहीं जो उसकी निगरानी करने आ पहुंचे तो उन्होंने कहा कि 'वो ईवीएम मशीन पर प्रश्न उठाने नहीं आए हैं. यहां EVM मशीन रखी है. उन मशीन को रखने की व्यवस्था और उनमें गड़बड़ी करने वाले उनपर भरोसा नहीं है. उमाशंकर गुप्ता अभी पत्रकारों से बात कर ही रहे थे कि साध्वी ने इस दौरान इशारे से कहा कि वो EVM की सुरक्षा से संतुष्ट नहीं है और कल लिख कर बताएंगी कि कमी कहां है.

भोपाल संसदीय क्षेत्र में 8 विधानसभा आती है जिनमें से 7 विधानसभाओं की EVM भोपाल की इसी पुरानी जेल में रखी है और ऐसे में यहां आने वाले दिनों में नेताओं के दौरे और बढ़ने के आसार हैं.

Source : Agency