भोपाल
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है| भीषण गर्मी के बाद बदले मौसम ने थोड़ी राहत जरूर दी है और कई जगह बारिश और आंधी चली| बूंदाबांदी कुछ-कुछ इलाकों में हुई। मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। ठंडक होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन अब एक बार फिर पारा चढ़ने वाला है| वहीं गर्मी का यह क्रम थोड़ा लंबा चलेगा| इस बार मानसून भी तय समय से देरी से आ सकता है| मानसून तय समय से तीन से चार दिन तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है। हालांकि बीते कुछ सालों से मानसून तय समय पर मध्य प्रदेश नहीं पहुंचा है।

मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के वैज्ञानिकों ने कुछ दशकों के आंकड़ों का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला है कि मानसून के आने व जाने की तारीखें आगे बढ़ी हैं। अगले एक-दो सालों में मौसम विभाग के रिकॉर्ड में मानसून के आने की आधिकारिक तारीख अब 20 जून की जा सकती है। प्रदेश में वैसे तो 11 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है| वहीं राजधानी में भी 13 से 15 जून तक मानसून की पहली बारिश हो जाती है। मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली एजेंसी स्काईमेट इस बार मानसून के तीन दिन की देरी से चार जून को केरल पहुंचने का पूर्वानुमान है जारी किया है। इसके अनुसार मध्य प्रदेश में भी मानसून देरी से ही आएगा।  इस साल मानसून कमजोर रहने का अनुमान है और स्थिति बहुत अच्छी नहीं दिख रही है।उन्होंने कहा कि स्काईमेट मानसून के बारे में अपने पुराने पूर्वानुमान पर कायम है कि इस साल बारिश दीर्घावधि औसत का 93 प्रतिशत होगी। मध्य भारत में सबसे कम 91 प्रतिशत, पूर्व तथा पूर्वोत्तर में 92 प्रतिशत, दक्षिण में 95 प्रतिशत और पश्चिमोत्तर में 96 प्रतिशत बारिश का अनुमान है। 

मौसम की जानकारी देनी वाली निजी संस्था स्काईमेट के सीईओ जतिन सिंह ने कहा है कि देश के पूर्व, उत्तर पूर्व और मध्य भारत में इस बार बहुत कम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के इलाकों में सामान्य बारिश होगी। वहीं दस्तक देने के बाद भी मानसून की चाल धीमी रहेगी। स्काईमेट का कहना है कि इस बार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पर मानसून 22 मई को पहुंचेगा। पिछले महीने स्काईमेट ने संभावना जताई थी कि इस बार मानसून सामान्य से कम रहेगा और देश भर में केवल 93 फीसदी बारिश होगी, जिसमें ऐरर मार्जिन पांच फीसदी का होगा।

प्रदेश में बदलते मौसम के दौरान अगले  24 घंटों में ग्वालियर-चंबल, जबलपुर सभांग आंधी चलने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है।  मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। वहीं 48 घंटे बाद पारा चढ़ने लगेगा। पिछले 24 घंटों में रीवा, जबलपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर संभाग में कहीं-कही बारिश हुई है। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग और रीवा, सतना सीधी, नीमच मंदसौर जबलपुर, अनूपपुर, डिडोरी जिलों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है और और बूंदाबांदी हो सकती है|   

Source : Agency