भोपाल
राज्य सरकार अपने विभिन्न विभागों की निष्क्रिय और शून्य बजट वाली योजनाओं को बंद करने की तैयारी में है। इसको लेकर अगले सप्ताह मुख्य सचिव एसआर मोहंती की अध्यक्षता में बैठक भी बुलाई गई है। सरकार का फोकस पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गर्इं योजनाओं को क्लोज करने पर ज्यादा जोर है। कुछ आयोग और निगम मंडल भी बंद करने की कवायद की जा रही है। 

पुरानी और निष्क्रिय योजनाओं को बंद करने के पीछे राज्य सरकार की माली हालत खराब होना प्रमुख कारण माना जा रहा है। सरकार पर कर्ज का आंकड़ा 1 लाख 80 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। इसलिए सरकार की मंशा है कि फिजूलखर्ची को कम करने और जनहितैषी योजनाओं पर फोकस कर बेहतर योजनाओं पर राशि खर्च की जाए। इसको लेकर वित्त विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में तीन हजार से अधिक योजनाएं और कार्यक्रम हैं। खासतौर पर 15 साल की भाजपा सरकार में बड़ी संख्या में नए प्लान लाए गए जिनमें कई योजनाएं अनुपयोगी हो चुकी हैं। कई योजनाएं एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं जिससे क्रियान्वयन में समस्या आ रही है।

 वित्त विभाग विधानसभा में बजट पेश करने के पहले निष्क्रिय योजनाओं का खाका तैयार कर रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ बैठकें की जा रहीं हैं। मंगलवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के साथ वित्त विभाग ने बजट तैयारी पर बैठक की। यहां कहा गया कि विभाग 48 घंटे के भीतर उन योजनाओं और कार्यक्रमों की लिस्ट सौंपे जो सालों से निष्क्रिय हैं और जिन्हें बंद किया जा सकता है। वित्त विभाग, अन्य सभी विभागों से भी ब्यौरा मांग रहा है। एक अनुमान के अनुसार हर विभाग में औसतन 20 से 25 योजनाएं और कार्यक्रम हैं जिन्हें बंद करने की जरूरत है।

Source : Agency