नई दिल्‍ली 

अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में एक बार फिर होम या ऑटो लोन पर ब्‍याज दर में कटौती हो सकती है. दरअसल, स्टेट बैंक की एक शोध रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा आर्थिक सुस्ती की स्थिति में सुधार लाने के लिए ब्याज दर में 0.25 फीसदी से अधिक कटौती करने की जरूरत है. इस रिपोर्ट में आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में फैसला लेने की सलाह दी गई है.

स्टेट बैंक की शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप’ में कहा गया है, ‘‘क्या इस समय हम आर्थिक वृद्धि में हल्की सुस्ती का सामना कर रहे हैं. प्रमुख शेयर सूचकांकों के रुझानों को देखते हुए इस तरह की नीरसता स्पष्ट झलकती है.’’ इसी तरह एक अन्य बैंक आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में भी कहा गया है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के लिए दर में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है.

हालांकि इसके साथ ही यह भी कहा है कि मॉनसून की स्थिति पर निर्भर करेगा. आईसीआईसीआई बैंक का रिसर्च डिफ्यूजन इंडेक्स पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती की तरफ संकेत देता है जबकि सेवा क्षेत्र के बारे में इसमें मिला-जुला रुख दिखाई देता है.

एसबीआई रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती रुझान बताते हैं कि 2018-19 की चौथी तिमाही में दूरसंचार उपकरण, ढांचागत सेवाओं, कृषि रसायन, पेट्रोरसायन, ढांचागत सुविधाओं के डेवलपर और कास्टिंग क्षेत्र में कुल मिलाकर गिरावट का रुख रहा है. निर्यात पर निर्भर रहने वाली औषधि कंपनियां भी कमजोर वृद्धि दिखा सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है- हमारा अब भी यही मानना है कि मौजूदा सुस्ती का दौर अस्थाई हो सकता है बशर्ते कि इस बीच उचित नीतियों को अपनाया जाता है.

बता दें कि रिजर्व बैंक की ओर से पिछले दो मीटिंग से रेपो रेट में लगातार कटौती की जा रही है. दोनों बार में कुल 0.50 फीसदी रेपो रेट कटौती हुई है. इसके बाद से देश के लगभग सभी बैंकों ने ब्‍याज दर कम की है.

Source : Agency