नई दिल्ली 
तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि 'बीजेपी के गुंडों' ने कोलकाता में हिंसा के दौरान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्या सागर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया और बुधवार को इससे जुड़ा एक वीडियो जारी करते हुए पार्टी ने कहा कि वह इन्हें चुनाव आयोग (ईसी) को सौंपेगी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राज्य में टीएमसी पर हिंसा में शामिल होने और निर्वाचन आयोग के ''मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाए जाने के बाद बंगाल में सत्ताधारी पार्टी की तरफ से यह प्रतिक्रिया आई है। 
 

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरक ओ ब्रायन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'वीडियो न सिर्फ स्पष्ट रूप से यह स्थापित करता है कि भाजपा ने क्या किया बल्कि यह भी साबित करता है कि उसके प्रमुख अमित शाह झूठे हैं।' उन्होंने कहा, 'कोलकाता की सड़कों पर स्तब्धता और गुस्सा है। कल जो हुआ उसने बंगाली गौरव को आहत किया।' टीएमसी अपने पास मौजूद वीडियो चुनाव आयोग को सौंपेगी और उन्हें प्रमाणित कर रही है।'

पार्टी ने एक वीडियो और वाट्सअप संदेश भी दिखाए जिसमें लोगों से तृणमूल कांग्रेस और पुलिस से लड़ने के लिये लोगों से अमित शाह के रोडशो में रॉड और हथियारों के साथ पहुंचने को कहा गया था। ओब्रायन ने कहा, 'हम 'विद्यासागर खत्म, जोश कहां है जैसे नारों की आवाज हासिल करने और उनके प्रमाणीकरण का प्रयास कर रहे हैं।'
 
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बल लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिये कानाफूसी अभियान चला रहे हैं। अमित शाह के रोडशो के दौरान मंगलवार को कोलकाता में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों में झड़प हो गई थी। अमित शाह को इस दौरान कोई चोट नहीं आई लेकिन उन्हें रोड शो बीच में ही बंद करना पड़ा और पुलिस ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला। 
 
हिंसा के लिए भाजपा नहीं, तृणमूल का हाथ : शाह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ''मूक दर्शक बना हुआ है। एक संवाददाता सम्मेलन में शाह ने यह भी कहा कि मंगलवार को जब कोलकाता में उनके काफिले पर कथित हमला किया गया तब वह सीआरपीएफ की सुरक्षा के बिना, सकुशल बच कर नहीं निकल पाते। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आम चुनाव के अब तक संपन्न सभी छह चरणों के मतदान के दौरान केवल पश्चिम बंगाल में हिंसा हुई, और कहीं से भी ऐसी किसी घटना की खबर नहीं है। 
 
भाजपा ने कोलकाता में अपने अध्यक्ष अमित शाह पर कथित हमले के बाद वहां हुई हिंसा की निंदा करने के लिए यहां जंतर मंतर पर मूक प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, जितेंद्र सिंह, विजय गोयल, हर्षवर्धन ने काली पट्टी बांधी हुई थी और वे मंच पर मुंह पर अंगुली रख कर बैठे हुए थे। भाजपा के कुछ नेता तख्तियां पकड़े हुए थे जिनपर लिखा था, 'बंगाल बचाओ, लोकतंत्र बचाओ। भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 'लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया।'

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