कोलंबो 

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर आत्मघाती हमला करने वालों में से एक की पत्नी ने घातक हमले के दो सप्ताह बाद अपनी पहली संतान को जन्म दिया था. कोलंबो मजिस्ट्रेट अदालत को यह जानकारी दी गई.

श्रीलंका में ईस्टर के दिन गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. कानून में ग्रेजुएट 22 वर्षीय अलाउद्दीन अहमद मुथ नौ आत्मघाती हमलावरों में से एक था. मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुथ के 59 वर्षीय पिता अहमद लेबे अलाउद्दीन ने चीफ मजिस्ट्रेट जयरत्ने को बताया कि हमलावर उसका चौथा बच्चा था. वह आगे की पढ़ाई के लिए कोलंबो लॉ कॉलेज में दाखिला लेने वाला था. उन्होंने जज को बताया कि मुथ की 14 महीने पहले शादी हुई थी और उसकी पत्नी ने पांच मई को अपनी पहली संतान को जन्म दिया है. उन्होंने बताया कि उनके बेटे को उन्होंने आखिरी बार 14 अप्रैल को देखा था.

वहीं श्रीलंका में ईस्टर संडे के आत्मघाती हमले के कारण देश में सांप्रदायिक हिंसा भी काफी ज्यादा भड़क चुकी है. इसको लेकर प्रशासन भी लगातार कदम उठा रहा है. वहीं श्रीलंका के सैनिकों ने बख्तरबंद वाहनों में इस हफ्ते हिंसा की चपेट में आए क्षेत्रों का दौरा किया. 14 मई को श्रीलंका के पास के कोट्टमपतिया में एक मस्जिद में भीड़ के हमले के बाद श्रीलंका के सैनिकों ने बख्तरबंद वाहन के जरिए हेटिपोला की सड़कों पर गश्त लगाई.

अधिकारियों ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में स्थिति नियंत्रण में थी, जबकि मुस्लिम विरोधी भीड़ रविवार से शहर से शहर जा रही थी. इस हमले के बाद से ही देश में तनाव का माहौल है और सांप्रदायिक हिंसा भड़की. इस हिंसा में मुस्लिम विरोधी भीड़ ने मस्जिदों पर हमला किया. इसके अलावा हिंसा के दौरान मुस्लिमों के धार्मिक ग्रंथ कुरान को भी जला दिया गया.

बता दें कि श्रीलंका में 21 अप्रैल को तीन गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों में आत्मघाती हमले हुए थे. इन हमलों में 253 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

Source : Agency