जबलपुर
अधारताल थाना प्रभारी ने अपने थाने में पदस्थ आरक्षकों को तुगलकी फरमान जारी करते हुए तपती धूप में 6 किलोमीटर पैदल चलने की सजा सुनाई है।आरक्षकों को सिर्फ इतना कसूर था कि वो चुनाव ड्यूटी से लौट कर आने के बाद थाने में आमद देने देर से पहुंचे । हालांकि सोशल मीडिया में आरक्षकों की फ़ोटो वायरल होने के बाद अब पुलिस अधिकारी इसे रूटीन भृमण बता रहे है। 

जानकारी के  मुताबिक अधारताल थाने के करीब 13 सिपाहियों की विदिशा में चुनाँव ड्यूटी लगी थी।12 की रात को चुनाव ड्यूटी करने के बाद कुछ सिपाही 13 को तो कुछ 14 मई को वहाँ से रवाना हुए और थाने में अपनी आमद 15 को दी, जिससे नाराज होकर थाना प्रभारी योगेंद्र तोमर ने सभी सिपाहियों को अधारताल से महाराजपुर तक पैदल जाने और आने का फरमान सुनाया। इस दौरान पीएसआई को उनको देखने के लिए भी साथ मे भेजा। तपती धूप में सड़क के किनारे चलते हुए सिपाहियों की फ़ोटो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अब थाना प्रभारी अपने बचाव में आ गए है। 

थाना प्रभारी का इसको लेकर कहना था कि सिपाही थाना क्षेत्र का भृमण कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि सिर्फ उन्हीं सिपाहियों से भ्रमण को करवाया गया जो कि चुनाव ड्यूटी करके आये थे जबकि थाने में ओर भी सिपाही पदस्थ थे ।

Source : Agency