सागर
सागर की रहने वाली एक बेटी राधिका ने अपने पिता को बड़ा ईनाम दिया है. बुधवार को माध्यमिक शिक्षामंडल द्वारा घोषित 10वीं के नतीजों की मैरिट लिस्ट में सागर जिले के 10 टॉपर्स की लिस्ट में राधिका चौथे नंबर पर आई है. राधिका के पिता रामेश्वर एक कारपेंटर हैं.

अपनी बेटी का मार्कशीट देख कर पिता रामेश्वर की आंखे भर आईं. भरी आंखों से उन्होंने बेटी राधिका को अपने गले से लगा लिया. पिता ने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि मेरी बेटी जितना चाहे, उतना पढ़े और हम इसे पढ़ाएंगे. राधिका 11वीं क्लास में गणित लेना चाहती हैंं. राधिका कहती हैं मेरा सपना आईएएस बनने का है.

बता दें कि इस बार 10वीं और 12वीं की रिजल्ट में प्रदेश में छोटे-छोटे कस्बों ने अपना दबदबा बनाया है. राधिका को साइंस में 95 नंबर आए हैं. बाकी चारों विषयों में उसे 100 में से 100 नंबर हैं. राधिका अपने प्रदर्शन से काफी खुश है. राधिका के मुताबिक वह हर दिन 6-7 घंटे पढ़ाई करती थी.  हर विषय को कम से कम 45 मिनट पढ़ती थी फिर बाद में याद किए अध्याय को 15 मिनट तक लिखती थीं. यही प्रेक्टिस हर विषय में दोहराती थीं.

राधिका अपने पिता के योगदान की खूब सराहना करती हुई कहती है, मेरी पढ़ाई के लिए पिता ने हरसंभव मदद की और हमेशा मोटिवेट किया. उनके भाई ने भी पढ़ाई में उसका हमेशा सहयोग दिया. घर में भी सब लोग काम-काज करने की जगह पढ़ाई पर फोकस करने को कहते थे.

साल 2018-2019 की इस बार हुई एमपी बोर्ड की परीक्षाओं में प्रदेश भर से करीब 18 लाख 66 हजार 639 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें से 732319 परीक्षार्थी 12वीं और 1132319 परीक्षार्थी 10वीं बोर्ड की परीक्षा में बैठे थे.की रहने वाली एक बेटी राधिका ने अपने पिता को बड़ा ईनाम दिया है. बुधवार को माध्यमिक शिक्षामंडल द्वारा घोषित 10वीं के नतीजों की मैरिट लिस्ट में सागर जिले के 10 टॉपर्स की लिस्ट में राधिका चौथे नंबर पर आई है. राधिका के पिता रामेश्वर एक कारपेंटर हैं.

अपनी बेटी का मार्कशीट देख कर पिता रामेश्वर की आंखे भर आईं. भरी आंखों से उन्होंने बेटी राधिका को अपने गले से लगा लिया. पिता ने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि मेरी बेटी जितना चाहे, उतना पढ़े और हम इसे पढ़ाएंगे. राधिका 11वीं क्लास में गणित लेना चाहती हैंं. राधिका कहती हैं मेरा सपना आईएएस बनने का है.

Source : Agency