भोपाल 
हाईकोर्ट ने शुभादीप बीएड कालेज इंदौर और आईटीएस बीएड कालेज गुना के साथ एनसीटीई पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उक्त कालेजों ने बीएड की सभी सीटों पर आफलाइन प्रवेश दिए थे। जबकि उच्च शिक्षा विभाग आनलाइन काउंसलिंग कराकर प्रवेश आवंटित कर रहा था। प्रवेश में हुए फर्जीवाड़े का प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचा। जहां हाईकोर्ट ने कालेजों के साथ एनसीटीई तक को विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ करने का आरोपी माना है। इसलिए उक्त कालेजों की मान्यता समाप्त कर दी है। वहीं एनसीटीई को हिदायत दी है कि भविष्य में उक्त कालेजों को मान्यता नहीं दी जाएगी। इससे उक्त कालेजों पर खात्मा भी लग गया है। ये फर्जीवाड़ा विद्यार्थियों को गलत तरीके से प्रवेश देकर ज्यादा फीस ऐठना बताया गया है। 

उच्च शिक्षा विभाग एनसीटीई के नौ कोर्स में आगामी सत्र में प्रवेश कराने आनलाइन काउसंलिंग का आयोजन कर रहा है। वर्तमान में दूसरे राउंड की प्रक्रिया संचालित हो रही हैं। करीब चालीस हजार सीटों पर प्रवेश देने के िलए विभाग बीस मई को विद्यार्थियों को सीटें आवंटित करेगा। कालेज आवंटित होने पर विद्यार्थी 25 मई तक फीस जमा कर प्रवेश पुख्ता करेंगे। इसके बाद विभाग तीसरे राउंड को शुरू करेगा। 

रजिस्ट्रार को लिखी चिठ्ठी 
विभाग ने उक्त दोनों कालेज और एनसीटीई पर हुई कानूनी कार्रवाई को गंभीरता से लिया है। इसलिए विभाग ने प्रदेश के समस्त विवि के रजिस्ट्रार को चिठ्ठी जारी करते हुए कहाकि इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले कालेजों को संबद्धता जारी नहीं की जाए। उन्हें चिठ्ठी के साथ हाईकोर्ट द्वारा उक्त दोनों कालेज और एनसीटीई के खिलाफ जारी किए गए आदेश की कापी भी भेजी गई है। इसके बाद भी ये कालेजों को संबद्धता जारी करते हैं, तो विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। 

उच्च शिक्षा विभाग ने गत वर्ष से प्रवेश परीक्षा लेना बंद कर दिया है। अब विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। विभाग आनलाइन काउंसलिंग पर फोकस कर रहा है, ताकि प्रवेश में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं हो सके। आफलाइन प्रवेश देने वाले शुभदीप और आईटीएस कालेज पर हाईकोर्ट की तरफ से डेढाÞ डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यहां तक उन्हें मान्यता देने वाली एनसीटीई को हाईकोर्ट ने आरोपी माना है। इसके चलते एनसीटीई तक को डेढ़ लाख रुपए के जुर्माना से दंडित किया गयाहै। इसके तहत विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहाकि कालेज अपनी सीटों पर आनलाइन काउंसलिंग के माध्मय से ही प्रवेश कराएं। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रावाई की जाएगी। 

प्रवेश के संबंध में सुप्रीम और हाईकोर्ट के आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसलिए आफलाइन प्रवेश देने पर कालेजों पर भी डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। 
 

Source : Agency