नई दिल्ली
भोपाल से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के गोडसे के संबंध में दिए बयान से पार्टी ने खुद को अलग कर लिया है। बीजेपी के जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि पार्टी साध्वी प्रज्ञा के बयान से सहमत नहीं है। हम इस बयान की निंदा करते हैं। राव ने कहा कि पार्टी उनसे इस मामले में सफाई देने को कहेगी। बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे।

बीजेपी के जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि साध्वी को अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। साध्वी प्रज्ञा का यह बयान उस समय आया जब उनसे कमल हासन के गोडसे को पहला हिंदू आतंकी बताने पर प्रतिक्रिया मांगी गई। साध्वी ने कहा, 'नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा।'

गौरतलब है कि अभिनेता से नेता बने कमल हासन हिंदू आतंकवाद को लेकर विवादित बयान दिया था। तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करते हुए हासन ने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था। कमल हासन ने कहा, 'आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर कई सारे मुस्लिम मौजूद हैं। मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं।'

भोपाल से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा पहले भी अपने बयानों से बीजेपी को मुश्किल में डाल चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर विपक्ष के नेता कई बार सवाल उठा चुके हैं। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को हिंदू आंतकवादी कहे जाने पर उनका बचाव किया था। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में साध्वी से जुड़े एक सवाल के दौरान शाह ने दो टूक कहा था कि साध्वी को झूठे केस में फंसाया गया। इस दौरान शाह ने यह भी सवाल उठाया कि समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने वाले लोग अब कहां हैं? उधर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान भी प्रज्ञा के बचाव में उतरे थे।

 

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