नई दिल्ली

आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के समर्थन में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव आ गए हैं. उपेन्द्र कुशवाहा ने मंगलवार को कहा था कि अगर नतीजों को इधर-उधर करने की कोशिश की गई तो सड़कों पर खून बहेगा. बीजेपी-जेडीयू ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. इस पर राय देते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को उनकी भाषा नहीं भाव देखना चाहिए. तेजस्वी यादव ने कहा, "उपेन्द्र कुशवाहा जी ने जो कुछ भी कहा उनकी भाषा पर नहीं भाव पर जाइए, अगर कोई लोकतंत्र हाथ में लेना चाहेगा तो ऐसी स्थिति को पैदा कौन कर रहा है, इलेक्शन कमीशन में तीन कमिश्नर हैं, एक विरोध में बोलते हैं, इसका मतलब क्या है."

तेजस्वी यादव ने कहा कि आज हर एजेंसी में आपस में ही मतभेद हैं. उन्होंने कहा कि सीबीआई हो ईडी या फिर इनकम टैक्स हर जगह आपस में मतभेद है, तो फिर ऐसी स्थिति कौन पैदा कर रहा है, लोकतंत्र को हाथ में लेना कौन चाह रहा है, EVM को बदलने का काम कराया जाएगा, ये काम तो खुद एजेंसियां कर रही हैं और नेताओं पर आरोप लगाया जा रहा है.

बता दें कि बिहार में आरजेडी और आरएलएसपी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. आरजेडी और आरएलएसपी ने एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद ईवीएम में धांधली के आरोप लगाए हैं. इन दलों ने अपने नेताओं से अपील की है कि वे स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी पूरी सावधानी से करें. मंगलवार को बिहार में महागठबंधन के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा था कि अगर लोकसभा चुनाव परिणाम में कुछ गड़बड़ी करने की कोशिश की गई तो वे हिंसा और हथियार उठाने पर मजबूर होंगे.

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि वे एग्जिट पोल को खारिज करते हैं. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के समर्थकों को नीचा दिखाने के लिए एक्जिट पोल का सहारा लिया जा रहा है. कुशवाहा ने हिंसा की धमकी देते हुए कहा कि लोगों में इतना आक्रोश है कि अगर कोई खून खराबा होता है तो इसके लिए नीतीश कुमार और केंद्र सरकार जिम्मेदार होंगे.

Source : Agency