बाराबंकी 

यूपी में जहरीली शराब ने फिर कहर मचाया है। बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने देशी शराब के ठेके से शराब लेकर पी थी, लेकिन ठेके वाले ने उन्हें मिलावटी शराब दे दी। शराब पीने के बाद अचानक इन लोगों को दिखना बंद हो गया और इनमें से 12 की मंगलवार सुबह तक जान चली गई। इस दर्दनाक घटना से कई घरों में तो लाशों को कंधा देने वाला भी कोई नहीं बचा। 

यह घटना जिले के रामनगर थानाक्षेत्र के रानीगंज की है। यहां पर दानवीर सिंह की एक देशी शराब की दुकान है। इसी दुकान से सोमवार रात आसपास गांव के कई लोगों ने शराब लेकर पी। शराब पीने के बाद उन लोगों को दिखना बंद हो गया। कई की घर पर मौत हो गई तो कई को अस्पताल ले जाया गया। अभी भी लगभग एक दर्जन लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। 

एक ही परिवार के चार लोगों की मौत 
जहरीली शराब से हुई अब तक 12 मौतों में चार एक ही परिवार के थे। इलाके के तीन भाई रमेश गौतम, मुकेश, सोनू के साथ उनके पिता छोटेलाल की मौत इस घटना में हो गई। रमेश की पत्नी रामावती ने बताया कि घर में लाशें उठाने वाला भी कोई नहीं बचा। इसके अलावा मुन्ना यादव, उमरी, महार और अमराई गांव सहित हरसोई गांव के विनय प्रताप सिंह की भी जान चली गई। 

नकली शराब बनाकर बेचने का आरोप 
इलाके के लोगों का आरोप है कि दानवीर सिंह के ठेके से नकली शराब बनाकर बेची जाती थी। उनका ग्रामीण इलाके में शराब की अवैध फैक्ट्री है। वह यहां पर नकली शराब बनवाकर अपने सरकारी ठेके से बेचते थे। आरोप है कि सरकार की ओर से आने वाली शराब की बोतलों में उतना फायदा नहीं होता, जितना नकली शराब बनाकर बेचने में होता है इसलिए वह नकली शराब बनाकर दो से तीन गुना फायदा कमाते थे। 

Source : Agency