भारत में कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक शिव मंदिर है, जिनके दर्शन करने हर साल लाखों की तादाद में भक्त पहुंचते हैं। भारत में कई शिव मंदिर ऐसे भी हैं,जहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को काफी दुर्गम यात्रा भी करनी होती है। 

आज हम आपको भगवान शिव की प्रतिमा के बारे में बताने जा रहे है जिसको लेकर कहा जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी शिव मूर्ती होगी। इस शिव प्रतिमा का निर्माण राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित गणेश टेकरी में किया जा रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी भगवान शिव की प्रतिमा का काम अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। रिपोर्टस की माने तो इसका काम अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है। 

रिपोर्टस के अनुसार प्रतिमा का मुंह रंगा जा चुका है और इन दिनों पैर, भुजा और सीने का काम तेजी से चल रहा है। शिव प्रतिमा का स्थल क्षेत्र 25 बीघा में फैला हुआ है।

प्रतिमा के इर्द- गिर्द बिजली की चमक पूरे मैदान को निखारने का काम कर रही है। इस शिव प्रतिमा को लेकर भक्तों का उत्साह भी देखने को खूब मिल रहा है और अभी से यहां पर भीड़ लगना शुरू हो गई है। इस शिव प्रतिमा मे क्या है खास बात है, आइए जानते हैं।

इस शिव प्रतिमा में आधार 110 फीट गहरा है जबकि पंजे की लंबाई 65 फीट बताई जा रही है। पंजे से घुटने तक की ऊंचाई 150 फीट है जबकि कंधा 260 फीट और कमरबंद 175 फीट पर स्थित है। इस शिव प्रतिमा के त्रिशूल की लंबाई 315 फीट है और जूडा 16 फीट ऊंचा है। 

गर्दन 275 फीट पर है जबकि भगवान शिव का चेहरा 60 फीट लंबा है। शिव प्रतिमा को बनाने में 2 हजार 200 टन से ज्यादा स्टील लगेगा। 

वहीं 300 फीट में स्क्वायर गार्डन का निर्माण होगा। शिव प्रतिमा का काम 2012 में शुरू हुआ था और उम्मीद के मुताबिक 17 अगस्त तक इसका काम पूरा हो जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले नेपाल स्थित कैलाशनाथ मंदिर में शिव प्रतिमा 143 फीट का हैं। वहीं कर्नाटक के मुरुदेश्वर मंदिर की शिव प्रतिमा 123 फीट का है। जबकि तमिलनाडु का आदियोग मंदिर की शिव मूर्ति 112 फीट की है।

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