6 जून गुरुवार को एक साथ कई शुभ संयोग बने हुए हैं जो दीपावली की तरह ही बेहद शुभ फलदायी हैं। इस शुभ संयोग में आप कोई भी नया काम शुरू कर सकते हैं या धन वृद्धि के लिए निवेश और खरीदारी कर सकते हैं। इस शुभ स्थिति की वजह है गुरुवार के दिन शनि के नक्षत्र पुष्य का उपस्थित होना। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गुरुवार के दिन जब पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है तो गुरु पुष्य योग कहलाता है जिसे दुर्लभ संयोग कहा गया है।

इस साल 3 गुरु पुष्य योग
इस साल कुल तीन गुरु पुष्य योग बनेंगे जिनमें पहला संयोग 6 जून को बना है। इसके बाद 4 जुलाई को साल का दूसरा गुरु पुष्य योग बनेगा। अंतिम गुरु पुष्य योग 1 अगस्त को उपस्थित होगा।

साल के पहले गुरु पुष्य योग की सबसे अच्छी बात यह है कि इस दिन अमृत सिद्धि योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और वृद्धि नामक 4 अन्य शुभ योगों का भी इसे साथ मिला है जिससे इसका महत्व कई गुणा बढ़ गया है।

गुरु पुष्य योग इसलिए बेहद शुभ
गुरु शुभ और समृद्धि के स्वामी ग्रह माने जाते हैं जबकि शनि महाराज सभी ग्रहों में धीमी गति से चलने वाले और धर्म के कारक ग्रह हैं। गुरु के साथ शनि सम भाव रखते हैं।
इसलिए गुरुवार के दिन जब शनि का नक्षत्र पुष्य उपस्थित होता है तो यह शुभ फलदायी हो जाता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि इसदिन किया गया हर शुभ काम लंबे समय तक शुभ और लाभ देना वाला होता है।

गुरु पुष्य योग में सोना खरीदना शुभ
स्वर्ण का संबंध समृद्धि से है जिसका कारक ग्रह गुरु को माना गया है।

पुष्य नक्षत्र स्थायित्व प्रदान करता है इसलिए ज्योतिषीय मान्यता है कि स्वर्ण की खरीदारी के लिए गुरु पुष्य योग बहुत ही शुभ फलदायी होता है। इस शुभ संयोग में भूमि, भवन, वाहन और लंबे समय का निवेश करना भी उत्तम माना गया है।

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