पेरिस
आठवीं सीड आस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी और गैर वरीयता प्राप्त चेक गणराज्य की मार्केटा वोंड्रोसोवा के बीच वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लेम फ्रेंच ओपन के महिला एकल का खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। शुक्रवार को खेले गये सेमीफाइनल मैचों में बार्टी ने अमेरिका की 17 वर्षीय अमांडा अनिसिमोवा को एक घंटे 53 मिनट के संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-7, 6-3, 6-3 से हराया जबकि वोंड्रोसोवा ने 26वीं सीड ब्रिटेन की जोहाना कोंटा को एक घंटे 45 मिनट में 7-5, 7-6 से पराजित किया। आस्ट्रेलिया की बार्टी का यह पहला ग्रैंड स्लेम फाइनल है। उन्होंने पहला सेट टाईब्रेक में गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुये अगले दोनों सेट जीते। अमेरिकी खिलाड़ी ने क्वार्टरफाइनल में गत चैंपियन और तीसरी सीड रोमानिया की सिमोना हालेप को हराया था और सेमीफाइनल में उन्होंने पहले सेट का टाईब्रेक 7-4 से जीत लिया था। लेकिन वह इस लय को अगले दो सेटों में बरकरार नहीं रख सकीं। 

बार्टी ने अपने छठे मैच अंक पर जीत हासिल की। 23 वर्षीय आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने इससे पहले चार ग्रैंड स्लेम युगल फाइनल खेले थे लेकिन यह उनका पहला एकल ग्रैंड स्लेम है। इस जीत के साथ बार्टी सोमवार को जारी होने वाली नयी रैंकिंग में तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगी। यदि वह विजेता ट्रॉफी उठा लेती हैं तो वह इवोन गूलागोंग काउली के बाद रैंकिंग में नंबर दो बनने वाली पहली आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हो जाएंगी। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का फाइनल में एक अन्य युवा खिलाड़ी 19 वर्षीय और विश्व में 38वीं रैंकिंग की वोंड्रोसोवा से मुकाबला होगा। बार्टी का वोंड्रोसोवा से इससे पहले दो बार मुकाबला हुआ है और दोनों बार बार्टी ने जीत हासिल की है। चेक खिलाड़ी का भी यह पहला ग्रैंड स्लेम फाइनल है। उन्होंने दोनों सेटों में कोंटा की कड़ी चुनौती पर काबू पाया। उन्होंने दूसरे सेट का टाईब्रेक 7-2 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही वह 2007 में एना इवानोविच के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली चेक खिलाड़ी बन गयी हैं।

Source : Agency