काला जादू एक ऐसी नकारात्‍मक शक्ति है जिसका प्रयोग दुष्‍ट प्रवृत्ति के लोग अपने स्‍वार्थ की सिद्धि के लिए करते हैं। काला जादू शरीर में नकारात्‍मक ऊर्जा उत्‍पन्‍न कर सकता है। ये शक्तियां बाहरी व्‍यक्ति के द्वारा भेजी जाती हैं। काला जादू करने में माहिर शातिर लोग आपके अचेतन मन को पकड़ लेते हैं। कालू जादू के अंतर्गत मूठकर्णी विद्या, वशीकरण, स्‍तंभन, मारण, भूत-प्रेत टोने और टोटके आदि आते हैं। इसे तांत्रिक विद्या भी कहा जा सकता है। बंगाल और असोम को काला जादू का गढ़ माना जाता है।

काले जादू का ज्‍योतिषीय योग
कुंडली में कुछ ग्रह दोष होने के कारण जातक पर काला जादू असर करने लगता है। यदि कुंडली में सूर्य, चंद्र, शनि और मंगल विशेष भावों में राहु-केतु से पीड़ित होते हैं, तभी नकारात्‍मक ऊर्जा का असर होता है। ज्‍योतिष में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण वाले दिन काले जादू का असर अधिक होता है, क्‍योंकि इस दिन राशियों की स्थिति में भारी बदलाव होता है।


पुतले का प्रयोग
काला जादू का नाम आते ही मन में सबसे पहले बंगाल का ख्‍याल आता है। पर ऐसा नहीं है। भारत से भी ज्‍यादा काला जादू अफ्रीका में किया जाता है। यहां इसे वूडू नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया में एक गुड़‍िया जैसे दिखने वाले पुतले का प्रयोग किया जाता है। इसे खाने की चीजों जैसे बेसन, उड़द की दाल और आटे से भी बनाया जाता है। उसके बाद इसमें मंत्र फूंककर जान डाली जाती है और फिर जिस पर काला जादू किया जाता है उसका नाम लेकर इस पुतले को जागृत किया जाता है।

ऐसे हुई शुरुआत
इसकी शुरुआत भी अफ्रीका से मानी जाती है। सन 1847 में एरजूली नामक एक देवी पेड़ पर प्रकट हुईं। उसे प्‍यार और सुंदरता की देवी माना जाता था। उसने अपनी शक्तियों से यहां के लोगों की बीमारियां दूर कर दीं। उनकी सारी परेशानियां खत्‍म कर दीं। चर्च के पादरियों को यह सब पसंद नहीं आया। उन्‍होंने इसे ईशनिंदा कहते हुए उस पेड़ के तने को ही नष्‍ट करवा दिया। लोग यहां देवी की मूर्ति बनवाकर उनकी पूजा करने लगे।

वूडू बन गया काला जादू
वूडू का प्रयोग लोगों के रोग और परेशानियां दूर करने के लिए किया जाता था। मगर जब इसका गलत रूप से इस्‍तेमाल होने लगा तो यह काला जादू बन गया। इसमें मर चुके लोगों की प्रेतात्‍मा को किसी दूसरे के शरीर में बुलवाकर अपने स्‍वार्थ पूरे किए जाते हैं।


ऐसे पहचानें काला जादू हुआ है या नहीं
जब किसी व्‍यक्ति पर नकारात्‍मक ऊर्जा का हमला होता है तो उसकी शरीर इसका प्रतिरोध करता है। दिल की धड़कन बिना किसी वजह के अचानक से बढ़ जाती है। यदि आप पर काला जादू हुआ होगा तो आप मन और मस्तिष्‍क से खुद को कमजोर महसूस करने लगेंगे। रात को सोते समय भयानक सपने आते हैं। काले जादू से प्रभावित लोगों को अकेलापन पसंद आने लगता है। भूख प्‍यास नहीं लगती, ज्‍यादातर बीमार रहते हैं। कई बार डॉक्‍टर भी बीमारी को नहीं पकड़ पाते हैं। घर में तुलसी के पत्‍ते अचानक से सूखने लगते हैं और पेड़-पौधे भी मुरझाने लगते हैं।

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