कहते हैं कि अगर घर का हर कोना वास्तु के हिसाब से बना हो तो व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। इसलिए हर इंसान को कोशिश यही करना चाहिए कि सब कुछ वास्तु के हिसाब से ही हो। ऐसा होने पर व्यक्ति को किसी तरह का दोष भी नहीं लगता है। कहते हैं कि घर के आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व दिशा वास्तु दोष होता है, तो इस दिशा का वास्तु निवारण करने के लिए आज हम आपके लिए कुछ टिप्स लाएं हैं, आइए जानें।

घर की आग्नेय दिशा यानि दक्षिण-पूर्व कोण में अगर दोष हो तो वहां एक लाल रंग का बल्ब या दीपक जला देना चाहिए, जोकि लगभग 3 प्रहर यानि तीन घंटे जलता रहे। अगर आप दीपक जला रहे हैं तो वहां भगवान गणेश की प्रतिमा रख लेनी चाहिए। इससे सारे दोष दूर हो जाते हैं। 

इस दिशा के हर दोष को दूर करने के लिए मनीप्लांट लगानी चाहिए। इस दिशा में सूरजमुखी फूल, पालक, तुलसी, गाजर, अदरक, हरी मिर्च, मेथी, हल्दी, पुदीना और करी पत्ता भी लगाया जा सकता है। 

इस दिशा का दोष निवारण करने लिए रेशमी परिधान, वस्त्र, सौंदर्य की वस्तुएं घर की स्त्रियों को उपहार स्वरूप दें और हो सके तो शुक्र यंत्र इस दिशा में लगाएं। 

दक्षिण दिशा के दोष निवारण के लिए घर का भारी से भारी सामान इस दिशा में रखनी चाहिए। साथ में मंगल ग्रह के मंत्रों का दान करना चाहिए। 

दक्षिण दिशा की दिवार पर लाल रंग का हनुमान जी का चित्र लगाना चाहिए। या फिर मंगल यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। 

नैऋत्य दिशा में राहु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। चांदी, सोने,या तांबे के सिक्के या नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करके इन्‍हें इस दिशा में दबा दें। 

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