पेरिस
आठवीं वरीयता प्राप्त एशले बार्टी ने फेंच ओपन के महिला एकल फाइनल में शनिवार को यहां चेक गणराज्य की 19 वर्षीय मार्केटा वों्रदोयूसोवा को आसानी से शिकस्त देकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल किया। इस जीत के साथ ही बार्टी 46 साल बाद फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाली पहली आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गयी। इससे पहले 1973 में मार्गेट कोर्ट पेरिस में चैम्पियन बनने वाली आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी थीं। तेईस वर्षीय बार्टी ने महज 70 मिनट में एकतरफा खिताबी मुकाबले को 6-1, 6-3 से अपने नाम किया। बार्टी को इस जीत का फायदा उनकी रैंकिंग में भी मिलेगा। वह अगले सप्ताह जारी होने वाली रैंकिंग में जापान की नाओमी ओसाका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगी। वह 1976 में इवोन गुलागोंग कावली के बाद सर्वश्रेष्ठ रैंकिग हासिल करने वाली आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन जायेंगी। चैम्पियन बनने के बाद बार्टी ने कहा कि यह अविश्वसनीय है, इसे बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है।। मैंने आज अच्छा खेल दिखाया। मुझे खुद पर और अपनी टीम पर बहुत गर्व है, पिछले दो सप्ताह अविश्वसनीय रहे हैं। बार्टी ने 2015 में पेशेवर क्रिकेट खेलने के लिए टेनिस छोड़ दिया था लेकिन उन्होंने फिर इस खेल में वापसी की। बार्टी ने 19 साल की वों्रदोयूसोवा के खिलाफ 27 विनर लगाये जबकि विश्व रैंकिंग में 38वें स्थान पर काबिज खिलाड़ी ने 22 सहज गलतियों के मुकाबले सिर्फ 10 विनर लगाये। मैच गंवाने के बाद उन्होंने कहा कि आपको और आपकी टीम को बधाई, आपने मुझे सबक दिया। भले ही मुझे आज जीत नहीं मिली, लेकिन मैं वास्तव में खुश हूं।

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