भोपाल
प्रदेश के सरकारी महकमों में गड़बड़ी करने में लिप्त अफसरों के निलंबन, पेंशन रोकने, जुर्माने, संविदा नियुक्ति, पदोन्नति जैसे मामलों पर निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार अब एक कैबिनेट सब कमेटी बनाने जा रही है। इस सब कमेटी में सामान्य प्रशासन, वित्त, विधि, गृह विभाग के मंत्रियों के अलावा जिस विभाग से जुड़ा मामला होगा उस विभाग के मंत्रियों को इसमें शामिल किया जाएगा।

कर्मचारियों, अधिकारियों से जुड़े प्रक्रियात्मक मामलों को अंतिम निर्णय के लिए अभी कैबिनेट में पेश किया जाता है। कैबिनेट बैठक में केवल नीतिगत मामले प्रस्तुत किए जाने चाहिए लेकिन कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े प्रशासनिक प्रक्रियात्मक ये मामले नीतिगत मामले नहीं होते हुए भी कैबिनेट बैठक में रखे जाते है। इसलिए सरकार ने अब एक कैबिनेट सबकमेटी बनाने का फैसला लिया है। ये मामले अब कैबिनेट सब कमेटी स्तर पर निपटाए जाएंगे। 

किसी विभाग में वित्तीय या अन्य अनियमितता में लिप्त अधिकारी-कर्मचारी को निलंबित करना हो, उसकी बहाली करना हो, कर्मचारी की पेंशन रोकना हो। उसके वेतन या पेंशन से वसूली करना हो। किसी को संविदा नियुक्ति देना हो या किसी की पदोन्नति की जाना हो। कैबिनेट से एक बार मंजूर हो चुके किसी प्रोजेक्ट की समयसीमा बढ़ाना हो या उस पर आने वाले खर्च में वृद्धि या कमी करना हो तो ऐसे प्रक्रियात्मक मामलों में निर्णय अब ये कैबिनेट सबकमेटी करेगी। 

विधि,सामान्य प्रशासन, गृह और वित्त विभाग के मंत्री एक साथ इस पर अपनी राय देंगे और विभाग के मंत्री इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। सबकमेटी के स्तर पर निर्णय हो जाने के बाद इसे पूरी कैबिनेट के पास नहीं भेजा जाएगा। 

अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामले अब कैबिनेट निर्णय के लिए लंबे समय तक लंबित नहीं रहेंगे। कैबिनेट सब कमेटी की बैठक जरुरत के मुताबिक कभी भी हो सकेगी। इसमें सारे प्रक्रियात्मक फैसले तेजी से निपट सकें गे। कर्मचारियों, अधिकारियों से जुड़े मसले निपट जाने के बाद पूरी कैबिनेट के पास सुनवाई के लिए केवल बड़े नीतिगत मामले शेष रहेंगे। इससे मंत्री इन्हें समझने और इस पर विचार-विमर्श करने के लिए ज्यादा समय दे सकेंगे।  इससे निर्णय सामूहिक स्तर पर लेने में सभी मंत्रियों के सुझाव को समाहित करते हुए लिए जा सकेंगे।

Source : Agency