नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव की हार के बाद सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अहमद पटेल से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, देवगौड़ा ने राहुल से कहा कि कांग्रेस यह मांग नहीं उठा सकती कि दो निर्दलीय विधायकों को जनता दल सेक्युलर (JDS) के कोटा से मंत्री बना दिया जाए. वहीं राहुल देवगौड़ा ने यह तक कह दिया कि अगर सब ठीक नहीं रहा तो कांग्रेस से जेडीएस गठबंधन तोड़ देगी.

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान देवगौड़ा ने कहा कि जेडीएस कोटे से दो निर्दलीय विधायक को मंत्री पद नहीं दिया जाएगा. उन्होंने राहुल से कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों को इस्तीफा देकर अपनी जगह नाराज विधायकों को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जेडीएस भी ऐसा करने को तैयार है. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अपने वफादार मंत्रियों को हटाने को तैयार है. लेकिन कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ऐसा होने देना नहीं चाहते.

वहीं देवगौड़ा ने राहुल गांधी को बताया कि दोनों निर्दलीय विधायकों को जेडीएस अपने कोटा में जगह नहीं दे सकती. वह इसलिए क्योंकि पार्टी में उनकी अपनी प्रतिबद्धताएं हैं कि अल्पसंख्यक नेता को कैबिनेट में शामिल किया जाना चाहिए. सूत्रों के मुताबिक, देवगौड़ा ने संकेत दिया कि अगर चीजें सही नहीं रहीं तो जेडीएस गठबंधन तोड़ने के बारे में दूसरी बार नहीं सोचेगी. इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने को कहा.

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत

हालांकि अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या कर्नाटक सरकार पर वाकई किसी तरह का कोई खतरा मंडरा रहा है? दरअसल, कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं. लेकिन कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बना ली. इसके बाद से ही कई बार कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने की कई बातें सामने आईं. वहीं लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद से कर्नाटक सरकार पर और ज्यादा खतरा मंडराने की बातें सामने आने लगीं. लोकसभा चुनाव में राज्य की 28 लोकसभा सीटों में से बीजेपी ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 25 सीटों पर कब्जा जमाया. 1-1 सीट कांग्रेस और जेडीएस को मिली और 1 निर्दलीय ने जीती.

कांग्रेस और जेडीएस के जरिए कई बार बीजेपी पर आरोप भी लगाए गए कि बीजेपी कर्नाटक सरकार को गिराने के लिए उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है. हालांकि बीजेपी इन आरोपों से इनकार करती आई है. आम चुनाव के बाद बीजेपी का कहना है कि कर्नाटक की गठबंधन सरकार में आतंरिक कलह है और सरकार साल भर भी नहीं टिक पाएगी.

दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी का एक वीडियो वायरल होने के बाद अटकलों का दौर गरमा गया है. इसमें वह जेडीएस कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने को कह रहे हैं. निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि चुनाव कभी भी हो सकते हैं, अगले साल भी या दो-तीन साल बाद भी. उन्होंने कहा, 'हमें अभी से शुरुआत करनी होगी. यह नहीं कहना कि बाद में करेंगे. अगले महीने से ही इसकी तैयारी शुरू करनी है.' हालांकि राजनीतिक गलियारों में इसके कई मतलब निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि जेडीएस-कांग्रेस से अलग राह चुन रही है और कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं.

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