लंदन 
वर्ल्ड कप 2019 में खिलाड़ियों के अलावा जिसकी चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है वे हैं नई जिंग गिल्लियां, जिन्हें 'जिद्दी बेल्स' भी कहा जा रहा है। ये तेज से तेज बोलर की गेंद स्टंप्स में लगने के बावजूद गिरने को तैयार नहीं हैं। खिलाड़ियों के साथ-साथ क्रिकेट फैंस भले इससे चौंके हों, लेकिन आईसीसी इसे बेहद सामान्य मान रहा है। दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, आरोन फिंच इसपर हैरानी जता चुके हैं वहीं आईसीसी फिलहाल वर्ल्ड कप के बीच में इनमें कोई बदलाव करने पर विचार भी नहीं कर रहा है। 

14 मैचों में 5 बार नहीं गिरीं बेल्स 
वर्ल्ड कप के अबतक हुए 14 मैचों में कुल 5 बार ऐसा हो चुका है, जब स्टंप्स पर गेंद लगी बावजूद इसके गिल्लियां नहीं गिरीं। फिलहाल तक इसके पीछे गिल्लियों के भारी होने को वजह बताया जाता रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि नए जिंग बेल्स में फ्लैशिंग लाइट्स हैं, उनके तार भी उसी के अंदर हैं। माना जा रहा है कि इससे गिल्लियों का वजन बढ़ गया है। हालांकि, आईसीसी ने ऐसी बातों को तर्कहीन कहा। उनका कहना है कि बेल्स पहले की तरह ही हल्की हैं और वर्ल्ड कप के बीच में इनको बदलने पर विचार नहीं किया जाएगा। 

बेल्स का खेल
आईसीसी से जुड़े एक सूत्र ने सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को कहा, 'पिछले 4-5 सालों में बेल्स और स्टंप्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह आईसीसी के साथ-साथ घरेलू खेलों में भी वैसी ही हैं। हम टूर्नमेंट के बीच में कोई बदलाव नहीं करेंगे। सभी 10 टीम सभी 48 मैचों में इनका ही इस्तेमाल करेंगी।' 

कोहली, फिंच हैरान 
भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच में भी एक मौका ऐसा आया जब बेल्स नहीं गिरी। वह गेंद जसप्रीत बुमराह ने डेविड वॉर्नर को डाली थी। विराट ने मैच के बाद इसपर हैरानी जताई। वहीं फिंच ने भी इसे गलत कहा। वह बोले कि आईसीसी को इसके बारे में सेमीफाइनल मुकाबले शुरू होने से पहले सोचना चाहिए ताकि इससे नतीजे प्रभावित न हों। 

Source : Agency