विजयवाड़ा 

आंध्र प्रदेश के एक नवनिर्वाचित विधायक ने बुधवार को ईश्‍वर की बजाय मुख्‍यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्‍यक्ष जगन मोहन रेड्डी के नाम पर शपथ ली। नेल्‍लोर ग्रामीण से विधायक कोटामरेड्डी श्रीधर रेड्डी ने मुख्‍यमंत्री के प्रति वफादारी दिखाने के लिए यह कदम उठाया और कहा कि सीएम जगन उनके लिए भगवान हैं। 

विधायक श्रीधर रेड्डी के ऐसा करते ही प्रोटेम स्‍पीकर संबांगी अप्‍पाला नायडू ने तत्‍काल विधायक को दोबारा शपथ लेने के लिए कहा। इसके बाद श्रीधर ने ईश्‍वर के नाम पर शपथ ली। बाद में श्रीधर रेड्डी ने बताया कि वह जज्‍बाती हो गए थे और इसीलिए उन्‍होंने नियमों से हटकर शपथ ली। उन्‍होंने कहा, 'मैं एक ऐसे गरीब परिवार से आता हूं जिसकी कोई राजनीतिक या वित्‍तीय पृष्‍ठभूमि नहीं रही है।' 

'यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या?' 
विधायक श्रीरेड्डी ने कहा, 'उन्‍होंने (जगन) ने मुझे दो बार विधायक बनाया। उनके (जगन) नाम पर शपथ लेने के पीछे मेरी कोई पद पाने की अभिलाषा नहीं है। पिछले पांच साल में मैंने अपनी सारी सैलरी गरीब बच्‍चों को दी है।' विधायक ने दावा किया कि टीडीपी के कुछ विधायकों ने पहले एनटी रामराव के नाम पर शपथ ली थी और उन्‍हें ऐसा करने की अनुमति दी गई थी। 

विधानसभा चुनाव में नायडू को हराकर सीएम बने जगन
श्री रेड्डी ने सवाल किया, 'यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या है?' बता दें कि विधायक संविधान के अनुच्‍छेद 188 के नियमों के तहत शपथ लेते हैं। इसके तहत विधायक या तो ईश्‍वर के नाम पर शपथ लेते हैं या संविधान की। जनवरी 2017 में बांबे हाई कोर्ट ने भारतीय शपथ कानून 1969 के तहत एक तीसरा विकल्‍प दिए जाने के लिए दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। 

Source : Agency