नई दिल्ली 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस खोलने की घोषणा की। हालांकि, पीएम मोदी किर्गिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं और उन्होंने पाकिस्तान के एयरस्पेस के स्थान पर ज्यादा लंबा रास्ता लिया है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में पीएम शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में हिस्सा लेंगे। 2 दिनों तक चलनेवाली बैठक से इतर पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के किर्गिस्तान पहुंचने में कुल 8 घंटे लगेंगे, लेकिन वह पाकिस्तानी एयरस्पेस का प्रयोग करते तो इससे आधे वक्त में (4 घंटे) ही पहुंच जाते। हालांकि, आम जनता के लिए भले ही दोनों देशों के हवाई क्षेत्र बंद रहे हों, लेकिन मंत्रियों के विमानों के लिए यह खुल जाता है।  

पाक एयरस्पेस आम जनता के लिए नहीं है खुला 
भारत द्वारा किए गए बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने 26 फरवरी को अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने पिछले दिनों 11 रूट में से 2 रूट भारतीय विमानों के लिए खोल दिए हैं। दोनों ही रूट प्रमुख तौर पर दक्षिणी पाकिस्तान की तरफ हैं। हालांकि, एयरस्पेस बंद होने का असर एयरलाइंस कंपनियों पर नकारात्मक तौर पर पड़ा और इसका नतीजा है कि हवाई किराए में बहुत वृद्धि हो गई। एयरलांइस कंपनियों को लंबे रूट के लिए अतिरिक्त ईंधन की जरूरत पड़ रही है और इस कारण किराए में भी वृद्धि हुई है। लंबे रूट के कारण हर रोज सिर्फ एअर इंडिया को ही 4 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। 

सिर्फ मंत्रियों के लिए ही खुला है एयरस्पेस 
भारत और पाकिस्तान के बीच इस वक्त वार्ता बिल्कुल बंद है, लेकिन दोनों ही देशों के मंत्रियों की हवाई यात्रा को लेकर बातचीत होती है। भारत ने पाक विमानों के लिए बंद किए एयरस्पेस को 31 मई को ही खोल दिया है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद सबसे पहले पाकिस्तान ने भारतीय एयरस्पेस के प्रयोग के लिए गुजारिश की थी। पाक विदेश मंत्री के माले और कोलंबो यात्रा के लिए भारतीय एयरस्पेस प्रयोग करने की गुजारिश पाकिस्तान ने की थी, जिसे भारत ने स्वीकार लिया था। हालांकि, यह यात्रा श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद यह यात्रा रद्द हो गई। इस घटना के 2 सप्ताह बाद ही भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरा था। पिछले सप्ताह ही भारत ने पाकिस्तान से पीएम मोदी के विमान क्षेत्र को पाक हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति मांगी थी, जिसे पाक ने तत्काल स्वीकार लिया। 

पाकिस्तान के लिए भारत की गुजारिश एक मौका? 
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के उपयोग के लिए पाकिस्तान से गुजारिश करने के फैसले की भारत में आलोचना भी हुई। खास तौर पर सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर कुछ लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया जरूर दी। पूर्व राजदूत विवेक काटजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आम नागरिकों के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए और उनके रूट का ही प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम को पाकिस्तान एक मौके की तरह भुना सकता है और इसे भारत की कमजोरी के तौर पर पेश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम की यात्रा में समय बचाने का तर्क नहीं दिया जा सकता क्योंकि यात्रा में कुछ वक्त का ब्रेक लेकर भी कई महत्वपूर्ण काम किए जा सकते हैं। 

Source : Agency