कोलकाता

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव बाद से जारी हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित हत्याओं एवं हमलों के विरोध में पार्टी द्वारा यहां बुधवार को निकाली गई विशाल रैली के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबर्दस्त झड़प हुईं। पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। रैली में प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय एवं वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय भी मौजूद थे।

पुलिस पर पत्थर-बोतलों से हमला :
शहर की बऊबाजार क्रॉसिंग पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे। वे राज्य की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तेज पानी की बौछारों कीं। जिसके जवाब में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और पुलिस पर पत्थर एवं बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।

18 नवनिर्वाचित सांसद भी हुए शामिल :
रैली का नेतृत्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे, जिसमें राज्य के नवनिर्वाचित 18 सांसद भी शामिल थे। रैली शहर के वेलिंगटन इलाके से लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था। कार्यकर्ताओं ने रास्ते में सेंट्रल एवेन्यू तथा बी बी गांगुली सड़क पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया। महिला प्रदर्शनकारियों ने वहां लगे बैरिकेट गिरा दिए। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 

10 जून को बंद बुलाया था : 
भाजपा ने इससे पहले दो जून को संदेशखाली में हुई झड़प के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर 10 जून को 12 घंटे का बशीरहाट उपमंडल बंद बुलाया था। इसे काला दिवस के रूप में मनाया था। राज्य में हो रही हिंसा के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। 

ममता बनर्जी इस्तीफा दें : मुकुल रॉय
रविवार को 24 उत्तर परगना जिले के संदेशखाली में भी भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थीं जिसमें भाजपा के दो और सत्तारूढ़ दल के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव है। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने घटना की पड़ताल राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की थी।
उन्होंने ममता के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘अगर पुलिसकर्मी ममता बनर्जी की नहीं सुन रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वह राज्य की गृहमंत्री भी हैं।’

राज्यपाल की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आज
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केएन त्रिपाठी ने हिंसा के मद्देनजर गुरुवार को प्रमुख राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने बंगाल के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को एक पत्र भेजकर राजभवन में शाम चार बजे सर्वदलीय बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने फैसले का स्वागत किया है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है। कांग्रेस और माकपा ने पत्र मिलने की पुष्टि की है, लेकिन बैठक में शामिल होने के संबंध में कुछ नहीं कहा। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम राज्यपाल की सर्वदलीय बैठक में कल जाएंगे। राज्यपाल संवैधानिक संस्था हैं। 

ट्वीट से ममता पर निशाना
भाजपा प. बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ भाजपा के शांतिपूर्ण आंदोलन पर भी ममता सरकार का कहर बरपा! 50 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं पर पानी बौछार, अश्रु गैस और लाठीचार्ज किया गया!"

भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो ने कहा, "सुबह 10.30 बजे फरीदपुर ब्लॉक में ध्वनि गांव स्टैंड पर आने के बाद फरीदपुर ब्लॉक सभापति सुजीत मुखर्जी और प्रतापपुर गांव पंचायत के उपप्रधान संजय मुख्पाध्याय के सामने भाजपाकर्मी काजोल हाजरा को गोली मारी गई।"

भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कहा, "इस घटना की निंदा के लिए शब्द नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र बचा ही नहीं है। दोषी को कठोर से कठोर सजा हो।"

पश्चिम बंगाल हिंसा: पुलिस टीम पर हमले में पांच गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एक गांव में रास्ता रोककर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने की कोशिश कर रही पुलिस टीम पर बुधवार को कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमला किया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता मंगलवार रात हुए झगड़े के सिलसिले में अपने दो समर्थकों की गिरफ्तारी के विरोध में ननूर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले बंदर गांव में बस स्टैंड के पास प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया तो उन्होंने टीम पर हमला कर दिया जिसमें ननूर थाने के प्रभारी अधिकारी मनोज सिंह समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह के अनुसार, कोई पुलिसकर्मी जख्मी नहीं हुआ है। 

Source : Agency