बेंगलुरु
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 100 के पार चली गई है, जिनकी सालाना आमदनी 1 करोड़ रुपये से अधिक है। इकनॉमिक टाइम्स द्वारा एकत्रित डेटा से यह जानकारी मिली है। इसमें से एक चौथाई कर्मचारियों ने अपने करियर की शुरुआत देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी में की थी।

वित्त वर्ष 2017 में TCS में 91 करोड़पति थे, जोकि वित्त वर्ष 2019 में बढ़कर 103 हो गए। इस आंकड़े में सीईओ राजेश गोपीनाथन और सीओओ एनजी सुब्रमण्यम शामिल नहीं हैं। भारत से बाहर के कर्मचारियों को भी शामिल नहीं किया गया है। आईटी सेक्टर की एक अन्य दिग्गज कंपनी इन्फोसिस में 60 से अधिक कर्मचारी 1.02 करोड़ से अधिक कमा रहे हैं। इन्फोसिस की तरह TCS के कॉम्पेंसेशन में स्टॉक कंपोनेंट शामिल नहीं है।


TCS लाइफ साइंसेज, हेल्थकेयर और पब्लिक सर्विसेज बिजनस के हेड देबाशीष घोष को 4.7 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं। बिजनस और टेक्नॉलजी सर्विसेज हेड कृष्णन रामानुजम की आमदनी 4.1 करोड़ वार्षिक है। कंपनी के बैंकिंग, फाइनैंसल सर्विसेज और इंश्योरेंस बिजनस के हेड के कृथिवासन को 4.3 करोड़ रुपये सैलरी मिलती है। TCS इसे एनुअल रिपोर्ट में पब्लिश नहीं करती है। कंपनी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दिलचस्प है कि कंपनी में सबसे उम्रदराज कर्मचारी जिन्हें 1 करोड़ से ज्यादा सैलरी मिलते हैं, 72 वर्षीय बरिंद्रा सन्याल हैं जो फाइनैंस के वॉइस प्रेजिडेंट हैं। विश्लेषक बताते हैं कि TCS की सफलता की एक वजह सीनियर लीडरशिप में स्थिरता है। मुंबई स्थित एक ब्रोकरेज के एनालिस्ट ने कहा, ' वरिष्ठ अधिकारियों को जोड़े रखने की दर भी TCS में बहुत अच्छी है। उन्होंने करियर ग्रोथ के लिए ऐसा रास्ता बनाया है कि लोग कंपनी को छोड़ने की जरूरत महसूस नहीं करते हैं। उनके पास नेतृत्व का तरीका अधिक विकेंद्रीकृत है।'

Source : Agency