जामुन का फल तो आपने खूब खाया होगा और इसके कई फायदे भी सुने होंगे लेकिन आपने जामुन के पत्तों से होने वाले फायदों के बारे में सुना है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जामुन जैसे रसीले फलों की पत्तियां मधुमेह, कैंसर, बवासीर, दस्‍त, पेचिश, पाचन, उच्‍च रक्‍तचाप जैसी समस्‍याओं में फायदेमंद होती है।

जामुन के वृक्ष की महत्ता प्राचीन काल से ही रही है। पहले के जमाने में अधिकतर जामुन के वृक्ष तालाब और बावडियों के पास इसलिए लगाए जाते थे की इस वृक्ष की जड़े गहराई तक फैल जाती थी और वह तालाब के पानी को शुद्ध रखती हैं। इसी तरह जामुन के वृक्ष के पत्ते भी काफी फायदेमंद होते हैं। इस लेख में आज हम आप जामुन की पत्तियों का औषधीय उपयोग और फायदे जानेंगे।

मधुमेह रोगियों के ल‍िए
जामुन का फल ही नहीं इसके वृक्ष की जड़ से लेकर पत्ती तक उपयोगी है। इसका फल साल में कुछ दिन उपलब्ध रहता है। मधुमेह के रोगियों के लिए तो जामुन उपयोगी है इसकी गुठली का चूर्ण बनाकर खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है।

पेचिश की दवा
जामुन के पत्‍तों का उपयोग पेचिश के लिए दवा के रूप में प्राचीन समय से किया जा रहा है। जामुन के पत्तियों के लाभ पेचिश को ठीक करने के साथ ही दोबारा इसके होने की संभावना को कम करते हैं। जामुन के पत्‍ते प्राकृतिक दवा की तरह काम करते हैं।

पाचन तंत्र को करें दुरुस्‍त
आयुर्वेद के मुताब‍िक जामुन के पत्तों में पाचन को ठीक रखने के गुण होते हैं। आप अन्‍य जड़ीबूटियों के साथ जामुन के पत्तों को मिलाकर सेवन कर सकते हैं। यह अपचन और कमजोर पाचन जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी योगदान दे सकता है।

अल्‍सर की समस्‍या करें दूर
त्‍वचा की सामान्‍य समस्‍याओं में अल्‍सर भी शामिल है। जिसका उपचार करने के लिए आप जामुन के पत्तों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इस समस्‍या का निदान करने के लिए दवाओं का उपयोग करने से पहले प्राकृतिक उपचार में जामुन के पत्‍तों का उपयोग करना चाहिए।

मुंह के छालों को करें दूर
आप मुंह के छालों को जड़ से खत्‍म करने के लिए जामुन की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं। जामुन की पत्तियों में एंटी बॉयोटिक गुण होते हैं जो छालों को जल्‍दी ठीक करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा आपके मुंह में छाले पाचन समस्‍याओं के कारण आते हैं। जामुन की पत्तियां पाचन तंत्र को भी स्‍वस्‍थ्‍य रखने में सहायक होते हैं।


बुखार का इलाज
यदि आप बुखार का इलाज चाहते हैं तो जामुन की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं। स्‍वास्‍थ्‍य सलाहकारों के अनुसार बुखार आना हमारे शरीर की सामान्‍य सुरक्षा प्रक्रिया है। इस कारण यदि बुखार आता है तो प्रारंभिक स्‍तर में इसका उपचार नहीं किया जाना चाहिए। जामुन की पत्तियां शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

ब्‍लड प्रेशर रखे कंट्रोल में
जामुन के पत्‍तों का उपयोग रक्‍त परिसंचरण को सुचारू बनाए रखने के लिए कर सकते हैं। आपके शरीर का स्‍वास्‍थ्‍य स्‍वस्‍थ्‍य रक्‍तचाप पर निर्भर करता है। जामुन पत्‍तों का सेवन रक्‍त वाहिकाओं को स्‍वस्‍थ्‍य रखता है जिससे रक्‍त परिसंचरण ठीक से काम करता है। इससे आपका हृदय भी मजबूत रहता है।

 

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