भोपाल
प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह इन दिनों जिलों के प्रवास पर हैं। वे जिलों में विभागीय अफसरों की बैठक में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। अभी तक वे श्योपुर, मुरैना और देवास जिले में आधा दर्जन करीब अफसरों पर कार्रवाई कर चुके हैं। इनमें से कुछ को निलंबित भी किया जा चुका है। खास बात यह है कि मंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं के कहने पर यह कार्रवाई कर रहे हैं। 

गोविंद सिंह पहले मंत्री हैं, जिन्होंने कार्यकर्ताओं की बात को तवज्जो देना शुरू किया है। हालांकि सरकार में तबादले भी कार्यकर्ताओं की सिफारिश एवं नाराजगी पर हो रहे है। कर्जमाफी की प्रक्रिया के दौरान सहकारिता मंत्री को शिकायत मिली थी कि सहकारी बैंकों में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है। जिसकी जांच भी कराई गई है। सहकारिता के अफसरों पर की गई कार्रवाई को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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