कहते हैं कि अगर घर की हर दिशा को वास्तु के हिसाब से बनाया जाए, तो घर में खुशहाली का माहौल बना रहता है। लेकिन वहीं अगर वास्तु विज्ञान की न मानें तो घर में कलह-क्लेश ही रहता है या फिर घर को कोई न कोई सदस्य बीमार रहता है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि वास्तु सलाहकार घरों में फव्वारा, झरना या पानी से जुड़ा कोई शोपीस या तस्वीर लगाने की सलाह देते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि जल की ऊर्जा का सकारात्मक प्रभाव घर पर पड़ता है, तो घर में सकात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बहता पानी अपने आसपास के माहौल में एक तरह की गतिशीलता लाता है। वास्तु में हर दिशा और वस्तु दोनों का ख्याल रखा जाता है। यानि कि किस दिशा में कौन सी वस्तु होनी चाहिए, ये सब वास्तु बताता है। तो चलिए जानते हैं कि घर में पानी का बहाव किस दिशा में होना चाहिए। जिससे आपको हर तरफ से फायदा ही मिल सके।  

लोगों की बुरी नजर से खुद को और बिजनेस को बचाने के लिए गलियारे या बालकनी में पानी से संबंधित कोई तस्वीर या शो-पीस रखना चाहिए। इससे लोगों से नजरों से बचा जा सकता है। 

घर की उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी के बने बर्तन या सुराही में पानी भरकर रखना चाहिए। ऐसा करने से घर के लोगों का दुर्भाग्य खत्म होता है और हर काम में सफलता मिलती है। घर में बरकत बनी रहती है। 

वास्तु में ये बताया गया है कि पानी से जुड़ा कोई भी शो-पीस या तस्वीर किचन में नहीं लगाना चाहिए। किचन में पीने के पानी या किचन के काम में प्रयोग आने वाले पानी के अलावा जल संबंधी कोई भी वस्तु रखना अच्छा नहीं माना जाता है।

यदि आपके घर में गार्डन एरिया है तो आप वहां वाटरफॉल लगवा सकते हैं। घर में वाटरफॉल की दिशा इस तरह से होनी चाहिए कि पानी का प्रवाह आपके घर की दिशा में हो। यह बाहर की ओर कभी नहीं जाना चाहिए।

यदि आप फाउंनटेन घर में लगवा रहे हैं तो इसे घर की उत्तर या दक्षिण-पूर्व दिशा में लगना सकते हैं। इस दिशा में लगाने से घर में बरकत व तरक्की बनी रहती है। 

Source : Agency