भोपाल
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने एग्जाम के बाद होने वाले सेमेस्टर ब्रेक की छुट्टियों को खत्म कर दिया है। अब स्टूडेंटस विंटर के एक सप्ताह और समर के एक महीने की छुट्टियों में विद्यार्थी इंटर्नशिप करेंगे। ये निर्णय मंगलवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इसके साथ राज्य में आए नये तीन दर्जन फार्मेसी कालेजों को अनुमति प्रदान की गई है। आरजीपीवी ने पांच संस्थानों के साथ एमओयू भी लिए हैं।

आरजीपीवी ने एकेडमिक काउंसिल की बैठक में एआईसीटीई के करीकूलम के तहत व्यवस्थाएं जमाई हैं। इसमें साल में दो बार होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के समाप्त होने के बाद विद्यार्थी सवा महीना कंपनियों में जाकर इंर्टनशिप करेगा। इससे अब उनका पूरा साल पढ़ाई में व्यस्त रहेगा। इसके साथ आरजीपीवी एक नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत कोई विद्यार्थी अपनी ब्रांच के अलावा दूसरे ब्रांच का कोई भी सब्जेक्ट पढ़ पाएगा। सिर्फ उस सब्जेक्ट में विद्यार्थी की रूचि होना जरुरी है। ऐसे सब्जेक्ट को आरजीपीवी ओपन इलेक्टिव में शामिल करेगा।

बैठक में आगामी सत्र 2019-20 के एकेडमिक कैलेंडर का अनुमोदन कर दिया गया है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने करीब अपनी काउंसलिंग शुरू कर दी है। इसमें राज्य में आए करीब तीन नये बीफार्मा के कालेजों शामिल होना है। इसलिए बैठक में उनकी निरीक्षण रिपोर्ट रखकर काउंसलिंग में शामिल करने की स्वीकृति दी गई है। हालांकि अभी तक डीफार्मा कालेजों की स्वीकृति नहीं हुई है।

300 कालेजों की संबद्धता हुई जारी
बैठक में प्रदेशभर के करीब तीन सौ कालेजों के इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमसीए, आर्किटेक्चर, पालीटेक्निक के यूजी और पीजी की संबद्धता व निरंतरता जारी की है। वहीं करीब तीन दर्जन नये बीफार्मा कालेजों की स्वीकृति दी है। इसके अलावा बैठक में पांच अलग-अलग संस्थानों से एमओयू हुए हैं। एआईसीटीई ने 11 रिसर्च स्कालकर को एमआईटीएस ग्वालियर में भेजा है। उनका नामांकन की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ बैठक में 15 विद्यार्थियों को पीएचडी अवार्ड करने की अनुशंसा कर दी है। बैठक में यूएफएम समिति और परीक्षा समिति को तैयार किया गया है।

Source : Agency