पुरी 

उड़ीसा की तीर्थ नगरी पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज शुरू होने जा रही है। यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह रथ यात्रा धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें भाग लेने और भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। पुरी के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में भी प्रतीक रूप में रथयात्रा का आयोजन किया गया है। 

सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंआज भगवान जगन्नाथ को रथ पर सवार किया जाएगा और भव्य यात्रा के साथ जगन्नाथ भगवान अपनी मौसी के घर के लिए रवाना होंगे। भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर गुंडिचा देवी का मंदिर है, जहां श्री जगन्नाथ भगवान हर साल एक सप्ताह रहने के लिए जाते हैं। इस दिन यात्रा की तैयारी सुबह से ही शुरू हो जाएगी और दिनभर कई रीति-रिवाज करने के बाद रथ खींचने का पावन कार्य शाम 4 बजे से शुरू होगा। 

हर साल आषाढ़ मास के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीया को देश और दुनिया में विख्यात इस भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता है और यह आयोजन शुक्ल पक्ष के 11वें दिन भगवान के घर लौटने तक चलता रहता है। कई महीनों से इस यात्रा की तैयारी चल रही है और विशेष रथ भी तैयार किए गए हैं। बसंत पंचमी से ही रथ निर्माण का काम शुरू हो जाता है और नीम के पेड़ की लकड़ी से विशाल रथ बनाए जाते हैं और इन्हें बनाने में धातु का प्रयोग नहीं किया जाता। 

सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम 
भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के तीन रथ तैयार हो चुके हैं और पूर्व निर्धारित स्थान पर पूजा के लिए पहुंचा दिए गए हैं। दुनियाभर से आए हजारों भक्तों का हुजूम भजन गाते हुए यात्रा शुरू होने और रथ खींचने का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा 142वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। 

शुरू की गई खास वेबसाइट 
ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने गुरुवार को होने वाली वार्षिक रथयात्रा से पहले मंदिर की परंपराओं, उनके महत्व और कार्यक्रमों की सूचनाओं वाली एक वेबसाइट शुरू की है। मंगलवार को पुरी गजपति (नरेश) महाराजा दिब्य सिंह देब ने एसजेटीए के अधिकारियों, सेवकों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह पोर्टल प्रारंभ किया। 
 

Source : Agency