मध्य प्रदेश के शिवपुरी कलेक्‍ट्रेट में मंगलवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया. यहां जन सुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग ने 100-100 रुपये की एक गड्डी कलेक्टर के टेबल पर रख दी. इसके बाद बुजुर्ग ने कहा, 'मैं पिछले 14 साल से मुआवजे और अवैध रूप से जमीन पर लगाए गए बिजली के खंभों को हटाने के लिए भटक रहा हूं. आप चाहें तो ये पैसे रख लें, लेकिन आप मुआवजा दिलवा दो और मेरी जमीन से खंभे हटवा दो.' अपनी समस्‍या सामने रखने के बुजुर्ग के इस तरीके से कलेक्टर भी असहज हो गईं.

दरअसल, करैरा निवासी 90 वर्षीय प्रभुदयाल त्रिपाठी कलेक्टर अनुग्रहा पी. के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि वह पिछले 14 साल से फोरलेन रोड के लिए ली गई अपनी जमीन के मुआवजे और वर्ष 2006 में अपनी जमीन पर बिजली कंपनी द्वारा अवैध रूप से लगाए गए 5 खंभों को हटवाने के लिए परेशान हैं. करीब 50 बार जनसुनवाई में भी आ चुके हैं. बिजली कंपनी के दफ्तरों में गए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई.

टेबल पर रखी नोटों की गड्डी

इसके बाद बुजुर्ग ने 100 रुपये के नोटों की एक गड्डी कलेक्टर की टेबल पर रख दी. उन्होंने कहा, 'आप चाहें तो ये पैसा जमा कर लें, लेकिन मुआवजा दिलवा दें और मेरी जमीन से खंभे हटवा दें.' कलेक्टर ने रुपये देखकर पहले सख्त लहजे में प्रतिक्रिया दी. लेकिन, बाद में कलेक्‍टर ने बुजुर्ग फरियादी से पैसा संभालकर रखने और सुनवाई करने का भरोसा दिलाया.

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

बुजुर्ग ने बताया कि साल 2006 में बिजली विभाग ने उनकी अनुमति के बिना ही जमीन पर बिजली के पांच खंभे लगा दिए. कई बार शिकायत के बाद भी इन खंभों को नहीं हटाया गया. इसके बाद साल 2012 में उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी. हाईकोर्ट ने तत्कालीन कलेक्टर को मामले का समाधान करने का आदेश दिया था. लेकिन, हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद उनकी समस्‍या का आज तक समाधान नहीं हुआ.

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