आज के समय में वास्तु का प्रचलन लोगों में काफी हो चुका है। हर कोई चाहता है कि उसका पूरा घर वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों के अनुसार ही बने। वास्तु शास्त्र में हर एक वस्तु रयकने के लिए घर में सही दिशाओं के बारे में बताया गया है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए इन दिशाओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है। हर चीज को रखने के लिए जैसे सही दिशा बताई गई है, ठीक वैसे ही मनी प्लांट अगर सही दिशा में न रखा जाए तो घर में नकरात्मकता फैलती है। मान्यता है कि घर में मनी प्लांट लगा हो तो वातावरण सकारात्मक बना रहता है और धन संबंधी कामों में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। लेकिन फिर भी आपको इस प्लांट से पूरा लाभ नहीं मिल रहा हो तो इसके लिए आपको आज कुछ उपायों के बारे में बताएंगे।

कहते हैं कि मनी प्लांट जितना हरा-भरा होता है, उतना शुभ माना जाता है। इसके पत्तों का मुरझाना, पीला या सफेद हो जाना अशुभ होता है। इसीलिए इसके खराब पत्ते तुरंत हटा देने चाहिए। वरना आप पर इसका उलटा असर हो सकता है। मनी प्लांट एक बेल है, इसीलिए इसे ऊपर की ओर चढ़ाना चाहिए। जमीन पर फैला हुआ मनी प्लांट वास्तु दोष बढ़ाता है और नकरात्मक ऊर्जा लाता है।

मनी प्लांट को लगाने के लिए सही दिशा आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व दिशा मानी गई है। यहां लगाने से घर में सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु के अनुसार मनी प्लांट ऐसी जगह लगाना चाहिए, जहां अधिक धूप न आती हो। इसे घर के अंदर भी रखा जा सकता है। इसके साथ ही एक बात का ध्यान रहे कि समय-समय पर इसे पानी देते रहें।

मनी प्लांट को दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने का एक कारण यह भी है कि इस दिशा का कारक ग्रह शुक्र है, क्योंकि शुक्र ग्रह बेल और लता वाले पौधों का कारक है। शुक्र की दिशा में उसी का पौधा यानि मनी प्लांट लगाने से शुभ फल मिल सकते हैं। वहीं उत्तर-पूर्व दिशा में मनी प्लांट नहीं लगाना चाहिए। ईशान कोण का कारक बृहस्पति ग्रह है। शुक्र और बृहस्पति, दोनों एक-दूसरे के शत्रु हैं। इस कारण ईशान कोण में शुक्र ग्रह का पौधा नहीं लगाना चाहिए।

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