ग्वालियर
महापौरविहीन चल रही नगर निगम परिषद में बहुमत होने के बावजूद भाजपा पार्षद परेशान हैं। पार्षदों का कहना है कि अधिकारी सुनवाई नहीं करते।  पार्षदों ने कांग्रेस विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे नगर निगम में हस्तक्षेप कर रहे हैं। चेतावनी देते हुए भाजपा पार्षदों ने कहा कि यदि अब विधायकों ने निगम अधिकारियों की बैठक ली तो वे इसका विरोध करेंगे।

ग्वालियर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी पिछले चार दशकों से काबिज है। पिछले 15 वर्षों से प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के चलते पार्टी के पार्षदों के काम हो रहे थे लेकिन अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है तो भाजपा पार्षदों में छटपटाहट है। नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं इसलिए भी पार्षद कामों को लेकर चिंतित है। वे इस समय खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। सांसद बने महापौर विवेक शेजवलकर के इस्तीफे के बाद उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।भाजपा पार्षद कांग्रेस विधायकों पर भी निगम के कार्यों में हस्तक्षेप के आरोप लगा रहे हैं । कमिश्नर संदीप माकिन के साथ हुई बैठक में भी पार्षद ये मुद्दा उठा चुके हैं। \

भाजपा पार्षदों का आरोप है कि कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल और प्रवीण पाठक पिछले एक महीने में 8 बैठक अधिकारियों की ले चुके गईं। अधिकारी विधायकों के कहने पर उनके साथ क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं ऐसे में वार्डों के काम कैसे होंगे। भाजपा पार्षद  दिनेश दीक्षित का कहना है कि विधायक अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं यदि उन्हें कोई शिकायत या कार्य करवाने हैं तो वे पत्र लिख सकते हैं । बार बार बैठक लेने और अधिकारियों को साथ ले जाकर निरीक्षण से  समय बर्बाद हो रहा है और कम प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अब यदि विधायकों ने कोई बैठक ली तो भाजपा पार्षद उसका विरोध करेंगे। उधर कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल का कहना है कि पार्षद जनता की सही तरीके से सुनवाई नहीं करते इसलिए जनता हमारे पास आती है। इसलिए हम अधिकारियों के साथ बैठक कर उन कार्यों को कराने के निर्देश देते हैं इसमें हस्तक्षेप जैसी कोई बात नहीं है। गोयल ने कहा कि  सभी को दलीय राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।

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