दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर नजर रखने के मामले में सरकार सख्ती बरतने जा रही है। सरकार ने जिला अस्पतालों के साथ ही देश के तमाम मेडिकल कॉलजों में साइड इफेक्ट्स पर नजर रखने के लिए सेंटर बनाने का फैसला किया है। सरकार की ओर से फॉर्माकोपिया कमिशन ऑफ इंडिया (पीसीआई) इस काम पर नजर रखेगा।

दवा की पैकिंग पर नहीं रहती जानकारी
गौरतलब है कि कई दवा कंपनियां दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में दवा की पैकिंग या क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे जाहिर करने के दौरान पूरी जानकारी नहीं देतीं। साइड इफेक्ट्स की जानकारी न होने पर आमतौर पर लोग इन्हें बाजार से खुद खरीदकर भी खा लेते हैं। जानकारी न दिए जाने से कई बार डॉक्टर भी अक्सर इनके साइड इफेक्ट्स से अनजान होते हैं। इसे देखते हुए ही सरकार ने अब खुद इसका पता लगाने का फैसला किया है।

पीसीआई बनाएगा 300 केंद्र
पीसीआई ने इस सिलसिले में फिलहाल 300 केंद्र बनाने का फैसला किया है। ये केंद्र जिला और अन्य सरकारी अस्पतालों में बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीसीआई ने एक ऐप भी बनाया है। इस ऐप का नाम ADR PvPI है। इसकी मदद से भी पेशंट और डॉक्टर किसी भी दवा के साइड इफेक्ट्स की जानकारी सरकार को दे सकते हैं। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट्स होने पर सरकार दवा कंपनी से उसका उत्पादन बंद करने को कह सकती है या उस दवा को बनाने का लाइसेंस कैंसल किया जा सकता है।

अलग से गाइडलाइंस भी बनाईं
भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ने भी कुछ समय पहले दवा कंपनियों से हर दवा के साइड इफेक्ट्स की जानकारी दर्ज करने के लिए अलग से सेल बनाने को कहा था। इस संबंध में गाइडलाइंस भी तैयार की थीं। सरकार को इस बात का भरोसा नहीं है कि दवा कंपनियां उसे इस मामले में सही जानकारी देंगी। इसे देखते हुए सरकार ने ये जानकारी हासिल करने के लिए ऐप और केंद्र बनाने का फैसला किया।

Source : Agency