तेहरान
ईरान 2015 में हुए परमाणु समझौते को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, उसने समझौते में यूरेनियम संवर्धन के तय किए गए कैप को तोड़ दिया और इसका यूरेनियम संवर्धन 4.5 प्रतिशत के पार पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि 2015 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (पी5), जर्मनी और यूरोपीय संघ के साथ ईरान की डील हुई थी जिसके तहत यूरेनियम संवर्धन की सीमा 3.67 प्रतिशत निर्धारित की गई थी जो सीमा 90 प्रतिशत के उस स्तर से बहुत नीचे है जो परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी है।


तेहरान ने यह सीमा ऐसे वक्त में तोड़ी है जब उसने विश्व शक्तियों को समझौते को बचाए रखने के लिए 60 दिन का समय दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि सितंबर के बाद इस समझौते को बचाए रखने के लिए ईरान आगे किसी अंतिम समयसीमा की पेशकश नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों ने एक दिन पहले कहा था कि समयसीमा के खत्म होते ही देश समझौते के पालन के संबंध में कदम उठाना बंद कर देगा।

ट्रंप ने किया सावधान
उधर, यूरेनियम संवर्धन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को आगाह किया है। उन्होंने न्यू जर्सी के मॉरिसटाउन में संवाददाताओं से कहा, 'बेहतर होगा कि ईरान सावधान रहे, क्योंकि आप एक कारण से यूरेनियम संवर्धन बढ़ाएंगे और मैं नहीं बताउंगा कि वह कारण क्या है। लेकिन यह सही नहीं है। बेहतर होगा वे सावधान रहें।' ट्रंप के शीर्ष राजनयिक एवं विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इससे पहले रविवार को कहा था कि परमाणु समझौते के तहत तय की गई सीमा के संभावित उल्लंघन के जवाब में ईरान को और सख्त प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

डील बचाने में जुटा फ्रांस
मौजूदा गतिविधि के बीच फ्रांस 2015 के समझौते को बचाने की कवायद कर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह ईरान और पश्चिमी सहयोगियों के बीच 15 जुलाई तक वार्ता फिर से शुरू कराने की कोशिश में जुटे हैं ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सके। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ शनिवार को एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की।

Source : Agency