भले ही मॉनसून को आने में थोड़ी देर हो गई हो और लेकिन आखिरकार बारिश और मॉनसून का सीजन शुरू हो चुका है। बारिश, भले ही गर्मी से राहत दे लेकिन अपने साथ ढेर सारी बीमारियां भी लेकर आती है। मच्छर भी इसी सीजन में सबसे ज्यादा पनपते हैं और दूषित पानी की वजह से भी कई तरह की बीमारियां होती हैं। लिहाजा इस मौसम में खानपान को लेकर सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। बारिश का मौसम अपने साथ चाय-पकौड़े खाने की तलब लेकर आता है। लेकिन बीमार पड़ने से बचना है तो ये 6 चीजें बिलकुल न खाएं...
 
बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में कीड़े मकौड़े निकलकर प्रजनन करते हैं। ये कीड़े फलों और सब्जियों खासकर हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे- पत्तागोभी, गोभी, ब्रॉकली, पालक आदि में पाए जाते हैं। लिहाजा बारिश के मौसम में इन सब्जियों का सेवन बंद कर दें या फिर अगर आप इन्हें खा रहे हैं तो इन्हें अच्छी तरह से देखकर, कई बार धोकर ही इस्तेमाल करें ताकि किसी भी तरह के कीड़े मकौड़े सब्जियों में लगे न रह जाएं।
 
बारिश के मौसम में बैक्टीरिया की पनपने की क्षमता भी तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में इस मौसम में स्ट्रीट फूड यानी सड़क किनारे ठेला लगाकर खाने-पीने की चीजें बेचने वालों से कुछ भी लेकर न लाएं। फिर चाहे वह चाट हो, गोलगप्पा हो, जूस आदि हों। हो सकता है स्ट्रीट फूड में बारिश का पानी गया हो या फिर उनके बर्तन अच्छी तरह से धुलें न हों। ऐसे में दूषित खाना खाने से आप फूड पॉइजनिंग, डायरिया जैसी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
 
बारिश के मौसम में पकोड़ों से दूरी बनाए रखना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, लेकिन आप इस मौसम में पकोड़े न ही खाएं तो बेहतर है। दरअसल मॉनसून के दौरान हमारी बॉडी की पाचन क्षमता कम हो जाती है, जिसकी वजह से हम खूब तले-भुने पकोड़े जैसी चीज़ें पचा नहीं पाते और पेट खराब हो जाता है। इसके अलावा ऐसे मौसम में बाहर से भी पकोड़े और तली-भुनी चीज़े खाने से बचें।
 
जैसा की पहले भी बताया जा चुका है कि बारिश के मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगता है लिहाजा पहले से काटकर रखे गए फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर सड़क किनारे फल बेचने वालों से लेकर कटे हुए फल तो बिलकुल न खाएं। पहले से कटे फलों में मक्खियां, मच्छर आदि बैठते हैं जो काटकर रखे गए फलों को दूषित कर देते हैं और इन दूषित फलों के सेवन से आप बीमार हो सकते हैं।

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