बच्चे बीमार न हो जाएं, इसके लिए मां-बाप क्या जतन नहीं करते। तकनीकी और अवेयरनेस बढ़ने के साथ लोग बच्चे को कीटाणुओं से दूर रखने की हर कोशिश करते है। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को बचपन में कीटाणुओं से दूर रखकर इन्फेक्शन से ज्यादा बचाया जाता है आगे चलकर उन्हें ल्यूकेमिया का खतरा होता है।

इसके पीछे यह वजह है कि अपने पहले साल में जो बच्चे इन्फेक्शंस का सामना करते हैं उनका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है। नेचर रिव्यूज कैंसर नाम के जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, अक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया, जो कि बच्चों का बहुत कॉमन कैंसर है, उसके लिए दो स्टेप जिम्मेदार होते हैं।

पहला स्टेप जन्म लेने से पहले जेनेटिक म्यूटेशन दूसरा बचपन में आगे चलकर कुछ इन्फेक्शंस जो कि बचपन में ज्यादा साफ-सुधरे रहने से होता है क्योंकि बचपन में इसके लिए इम्यूनिटी डिवेलप नहीं हो पाती।

सरल शब्दों में स्टडी का मतलब बताएं तो जो बच्चे पहले साल में ज्यादा साफ-सफाई में रहते हैं और जिन्हें कीटाणुओं से बचाकर रखा जाता है उनमें लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। यह एक ऐसा कैंसर है जो 0 से 4 साल के बच्चों में पाया जाता है। यह बहुत तेजी से बढ़ता है।

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